'आकाश से पाताल तक थे घोटाले', CM नायब सैनी ने 2 सालों के काम गिना कसा तंज; विपक्ष से नहीं पच रही हरियाणा की प्रगति
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में हरियाणा पर्ची-खर्ची, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार ...और पढ़ें

प्रेस कॉन्फ्रेंस कर CM नायब सैनी ने गिनाए 2 सालों के काम। फोटो सीएम एक्स
HighLights
विपक्ष पर साधा निशाना, पिछली सरकार भ्रष्टाचार में नंबर वन।
कांग्रेस सत्ता में जनता से दूर थी, अब सड़कों पर।
सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, हरियाणा का विकास जारी।
राज्य ब्यूराे, चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को दो साल की उपलब्धियां गिनाते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसा कि अपने कार्यकाल में हरियाणा को नंबर वन बताने वाले लोगों को आज प्रदेश की वास्तविक प्रगति और बदलती तस्वीर हजम नहीं हो रही है। उनके समय में हरियाणा नंबर वन तो था, लेकिन पर्ची-खर्ची, भाई-भतीजावाद, भय, भ्रष्टाचार और क्षेत्रवाद के मामले में नंबर वन था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कुछ लोग सड़कों पर घूमकर जनता के बीच जाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जब उनके हाथ में सत्ता थी, तब वे आम लोगों से मिलना तक पसंद नहीं करते थे। उस समय उन्हें जनता के पसीने की बदबू आती थी। कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण लोगों को प्रताड़ना झेलनी पड़ी, जनता ने इसका जवाब दिया है। तब नौकरियों में योग्यता के बजाय सिफारिश और पर्ची—खर्ची का बोलबाला था।
आकाश से लेकर पाताल तक हरियाणा में घोटाले थे- सीएम
पाताल से लेकर आकाश तक घोटाले थे। ऐसे शासन ने प्रदेश के विकास को पीछे धकेला और प्रदेशवासियों के साथ धोखा किया। तीन-तीन दिन में गैस का सिलेंडर मिलता था, उस मामले में हरियाणा नंबर वन था। झूठे वादों में नंबर वन था। ये कहते थे कि 24 घंटे बिजली देंगे, लेकिन यह प्रदेश चार से 5 घंटे बिजली मिलने के मामले में नंबर वन था।
पंजाब में नशे की समस्या पर मुख्यमंत्री ने वहां की सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता से तीन से छह महीने में नशा कम करने का वादा किया गया था। उस वादे पर अब तक क्या परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने काम करने का समय गंवा दिया और आज लोग डर के कारण नशे के खिलाफ शिकायत करने से भी बचते हैं। जनता से किए वादों पर पंजाब सरकार को जवाब देना चाहिए।
हरियाणा के विकास को गति देने पर जोर
बुनियादी ढांचे, औद्योगिक निवेश, पेयजल और परिवहन से जुड़े कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि हांसी को प्रदेश का 23वां जिला बनाया गया है। प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना के तहत 4827 करोड़ रुपये की लागत से 9410 किलोमीटर लंबी 4227 सड़कों की मरम्मत की गई है।
रेवाड़ी बाइपास और पिंजौर बाइपास का निर्माण कराया है। गांवों के विकास में पंचायतों को मजबूत किया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने 71 शहरों में 849 नए सेक्टर विकसित करने के लिए एक लाख 67 हजार एकड़ भूमि की खरीद प्रक्रिया शुरू की है।
