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हरियाणा में 36 दिन बाद सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म, बर्खास्त और निलंबित किए गए सभी कर्मचारी किए जाएंगे बहाल

Published: Fri, 11 Sep 2026 10:45 PM (IST)

हरियाणा में 36 दिनों से चल रही सफाईकर्मियों की हड़ताल शहरी निकाय मंत्री और मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद समाप्त हो गई है।

36 दिन बाद सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म।

36 दिन बाद सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म।

HighLights

  1. 36 दिन बाद हरियाणा में सफाईकर्मियों की हड़ताल समाप्त हुई।

  2. बर्खास्त कर्मचारी बहाल होंगे, मुकदमे वापस लिए जाएंगे।

  3. जोखिम भत्ता, मेडिकल सुविधा सहित कई मांगें मानी गईं।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में 36 दिन बाद आखिर सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म हो गई है। अब युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलेगा, ताकि कचरे को हटाकर शहर-कस्बों को पहले जैसी स्थिति में लाया जा सके।

शुक्रवार को शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल और सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण बेदी के साथ बैठक में अधिकतर मांगों पर सहमति के बाद नगरपालिका कर्मचारी संघ के नेताओं ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ मुलाकात में हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी।

प्रदेश में छह अगस्त से सफाई कर्मचारी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे थे। इस दौरान कई जगहों पर पुलिस और हड़ताली सफाई कर्मचारियों में झड़पें हुईं। कुल 73 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया और 10 नियमित कर्मचारी निलंबित किए गए।

बैठक में बर्खास्त और निलंबित किए गए सभी कर्मचारियों को बहाल करने और मुकदमे वापस लेने पर सहमति बनी है। सफाई कर्मियों को एकमुश्त वर्दी भत्ता के स्थान पर 440 रुपये प्रतिमाह वर्दी भत्ता दिए दिया जाएगा। समान काम-समान वेतन एवं एरियर का पात्र कर्मचारियों को भुगतान किया जा चुका है।

पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को हिदायतों अनुसार एलटीसी का लाभ दिया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों एवं सीवरमैन (नियमित, पालिका रोल एवं एचकेआरएनएल) का स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से प्रति वर्ष नगर निकाय के खर्चे पर मेडिकल चेकअप कराने बारे हिदायतें जारी की गई हैं।

सरकारी कर्मचारियों पर लागू मेडिकल कैशलेस नीति का लाभ नगर निकायों के नियमित कर्मचारियों, पेंशन धारकों तथा उनके आश्रितों को भी देने की सैद्धान्तिक स्वीकृति बनी। पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को 2000 रुपये प्रतिमाह जोखिम भत्ता देने बारे विभाग द्वारा हिदायतें जारी की जा चुकी हैं। नियमित कर्मचारियों को भी जोखिम भत्ता देने पर सहमति बनी है।

बैठक में कार्य के दौरान मृत्यु की अवस्था में पालिका रोल के सफाई वर्कर्स (सफाई कर्मचारी, सीवरमैन एवं सफाई दरोगा / हैड सीवरमैन) हेतु मुख्यमंत्री हरियाणा कर्मचारी दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति बनी है।

एसबीआई बैंक में बचत खाता खुलवाने वाले पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों एवं सीवरमैन को बैंक द्वारा दुर्घटना से मृत्यु एवं स्थायी दिव्यांगता पर 50 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता पर 25 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना—चिरायु में पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों एवं सीवरमैन को शामिल करने की सैद्धांतिक स्वीकृति बनी है।

9203 रुपये प्रति वर्ष प्रति कर्मचारी प्रीमियम का भुगतान संबंधित नगर निकाय द्वारा किया जाएगा। एक कैलेंडर वर्ष में कुल 20 मेडिकल अवकाश देने तथा योग्य सफाई कर्मचारियों एवं सीवरमैन को लिपिक (ग्रुप सी) पदों पर पदोत्रति हेतु संबंधित सेवा नियमों में संशोधन करने की मांग भी सरकार ने मान ली। आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों एवं सीवरमैन को निर्धारित न्यूनतम वेतन तथा पात्र कर्मचारियों को ईएसआइ एवं ईपीएफ का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।

रिक्त पदों को भरने के लिए 15 दिन में जारी होगा विज्ञापन

नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान नरेश शास्त्री ने बताया कि बैठक में सीवरमैन व सफाई कर्मचारियों के खाली पदों की भर्ती सरकार द्वारा प्रक्रिया निर्धारित करने उपरांत एक महीने में चयन के मापदंड तय कर 15 दिन में विज्ञापन जारी करने पर सहमति बनी है। मापदंड समिति में संघ प्रतिनिधि भी सदस्य होगा। रिक्त पदों की भर्ती समय-समय पर जारी रहेगी।

नियमित कर्मचारियों का सस्पेंशन बहाल किया जाएगा। सेवा समाप्त किए गए पालिका रोल/ एचकेआरएनएल कर्मचारी पुन: सेवा में लेने पर भी सहमति बनी है। मुकदमे वापसी पर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई होगी। हड़ताल अवधि के दिन अतिरिक्त कार्य कर समायोजित किए जाएंगे। जाब सिक्योरिटी एक्ट के अंतर्गत मृत्यु उपरांत परिवार को नौकरी तथा ग्रेच्युटी का प्रविधान है, जो प्रदान किया जा सकता है।

अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन की मांगों पर भी सहमति

हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के साथ भी बैठक हुई, जिसमें उनकी मांगों पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। यूनियन की मांग थी कि फायर के शहीद भावीचंद शर्मा व रणबीर को बकाया राशि दी जाए व नियमित नौकरी दी जाए। यूनियन द्वारा प्रत्येक के परिवार के लिए 50 लाख रुपये की मांग की गई थी।

सरकार द्वारा भावीचन्द शर्मा के परिवार को 60 लाख रुपये दिये जा चुके हैं, जिसमें से 20 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से तथा 10 लाख रुपये मुख्यमंत्री कर्मचारी दुर्घटना सुरक्षा योजना से तथा 30 लाख रुपये एमओयू के तहत बैंक ऑफ महाराष्ट्रा से दिये गये हैं।

इसी तरह रणबीर के परिवार को 30 लाख रुपये दिये जा चुके हैं। इसमें से 20 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से एवं 10 लाख रुपये मुख्यमंत्री कर्मचारी दुर्घटना सुरक्षा योजना से दिये गये हैं। बकाया 20 लाख रुपये जल्द दे दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त ऐसी दुर्घटना में किसी की मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये देने की पालिसी बनाने पर भी सरकार ने स्वीकृति दी है।

दिवंगत दोनों कर्मचारियों के परिवार से किसी भी व्यक्ति द्वारा अनुकंपा आधार पर नौकरी लेने के लिए आवेदन करने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। फायर पे-रोल के कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पर सहमति बनी कि फायर आपरेटर-कम-ड्राइवर के खाली पदों की भर्ती के मापदंड 45 दिन में बनाकर अगले 15 दिन बाद में विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त मापदंड समिति में एक सदस्य यूनियन प्रतिनिधि का भी होगा। 5000 रुपये जोखिम भत्ता व 7500 रुपये वार्षिक वर्दी भत्ता दिया जाएगा। रेगुलर कर्मचारियों का हड़ताल की वजह से सर्विस ब्रेक नहीं होगी। पेरोल के कर्मचारियों की हड़ताल अवधि को एक्सट्रा ड्यूटी लीव में समायोजित किया जाएगा।