हरियाणा के बिजली कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर! हर महीने 500 रुपये जोखिम भत्ता का एलान
हरियाणा सरकार ने बिजली कर्मचारियों के लिए 500 रुपये मासिक जोखिम भत्ता घोषित किया है।
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बिजली कर्मचारियों को हर महीने मिलेगा 500 रुपये जोखिम भत्ता।
HighLights
बिजली कर्मचारियों को हर महीने 500 रुपये जोखिम भत्ता।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं लागू होंगी।
हरियाणा में कई नए पावर प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों को हर महीने 500 रुपये जोखिम भत्ता मिलेगा। जॉब सिक्योरिटी के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी विभाग अध्यक्षों को आवश्यक औपचारिकताएं एक सप्ताह में पूरी करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को बिजली निगमों की समीक्षा बैठक में कहा कि गुरुग्राम में ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के आरडब्लूए उपभोक्ताओं को महंगे रेट पर बिजली सप्लाई करने की शिकायत मिल रही है। निगम के वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ बैठक आयोजित कर नार्म तय करें।
साथ ही गुरुग्राम के सेक्टर 57 के 220 केवी सब स्टेशन में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने, सेक्टर 38 के पावर हाउस की चहारदीवारी बनाने, घरौंडा व नांगल चौधरी सब स्टेशन में कंट्रोल रूम बनाने, मलिकपुर, मानेसर सब स्टेशन की चहारदीवारी बनाने के कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फरीदाबाद औद्योगिक नगरी है। इसलिए उद्योगों में भी निर्बाध रूप से बिजली सप्लाई सुलभ करवाना सुनिश्चित करें जिससे उद्योगों का कार्य सुचारू ढंग से चलता रहे। बिजली के गलत बिल आने की समस्याओं का निवारण करने के लिए कोई बेहतर पॉलिसी तैयार की जाए ताकि उनका उचित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
उपभोक्ताओं की शिकायतों की हेल्पलाइन नम्बर के माध्यम से सुनवाई की जाए तथा उस पर आने वाली समस्याओं का त्वरित निदान किया जाए। सड़क किनारे बिजली लाइन डालते समय सुनिश्चित करें कि कोई भी पोल सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढीकरण में कोई दिक्कत न आए।
उन्होंने कहा कि किसानों के खेत की मेढ पर सोलर पैनल लगाए जाने की योजना बनाई जाए। कम लइन लास और 100 प्रतिशत बिजली बिल भरने वाले हर जिले के एक गांव को पायलट प्रोजक्ट के तहत चयन कर स्मार्ट बनाया जाए। महानगरों में भी यह प्रक्रिया अपनाई जाए ताकि प्रदेश में अधिक से अधिक सोलर एनर्जी का उत्पादन किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा आधारित ऐसी योजना बनाई जाए जिसमें उन्हें 350 यूनिट बिजली पावर प्लांट से उत्पादित होकर आसानी से मिलती रहे ताकि उनके घर के बिजली बिल शून्य हो सके। इसमें हर उपभोक्ता के घर पर कम से कम दो किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाया जाए और उसे 78 हजार रुपये की सब्सिडी का भी पूरा लाभ मिले।
पांच लाख रुपये से अधिक आय वाले उपभोक्ताओं के लिए सोलर पावर प्लांट लगाने पर सरकार की ओर से एक लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसमें 22 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि सरकार की ओर से दी जाएगी।
बायोमास पावर प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 13 जिलों में 25 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। इसके अलावा 248 नए स्कूल भवनों पर सोलर प्लांट लगाएं जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यमुनानगर में 800 मेगावाट का पावर प्लांट, झज्जर तथा पानीपत में भी अतिरिक्त पावर प्लांट लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा हिसार के खेदड़ में एक ओर यूनिट लगाई जाएगी।
हिसार में कार्य आरम्भ कर दिया गया है तथा पानीपत में भी जल्द ही अमलीजामा पहनाया जाएगा। पानीपत के गांव आसन कलां में 30 एकड़ भूमि पर सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीच्यूट टेस्टिंग लैब बनाई जाएगी। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत दो लाख 22 हजार स्मार्ट मीटर मार्च तक लगाए जाएंगे।
