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TET पास न कर सके शिक्षकों के लिए राहत की उम्मीद, नौकरी पर अब नहीं लटकेगी तलवार? नियमों में संशोधन पर हो रहा विचार

Published: Sat, 19 Sep 2026 06:01 PM (IST)

शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण न कर पाने वाले शिक्षकों को राहत की उम्मीद मिली है, क्योंकि केंद्र सरकार ने इसकी अनिवार्यता की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है।

TET पास न कर सके शिक्षकों के लिए राहत की उम्मीद। फाइल फोटो

TET पास न कर सके शिक्षकों के लिए राहत की उम्मीद। फाइल फोटो

HighLights

  1. केंद्र सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता की समीक्षा शुरू की।

  2. राज्यों से 30 दिन में चुनौतियों और सुझावों पर रिपोर्ट मांगी गई।

  3. शिक्षा का अधिकार अधिनियम में संभावित संशोधन पर भी विचार।

राज्य ब्यूराे, चंडीगढ़। शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं कर सके सरकारी शिक्षकों की नौकरी पर लटकती तलवार के बीच राहत की उम्मीद जगी है। पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर केंद्र सरकार ने व्यापक विधायी और प्रशासनिक समीक्षा शुरू कर दी है। राज्यों से 30 दिन में चुनौतियों व सुझावों पर रिपोर्ट मांगी गई है।

शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है कि विभिन्न राज्यों में कार्यरत शिक्षकों की ओर से शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता से जुड़ी व्यावहारिक और संरचनात्मक कठिनाइयों के संबंध में अनेक अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं।

मंत्रालय ने एक सितंबर 2025 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले तथा 29 मई 2026 के आदेश के जरिये दी गई 31 अगस्त 2028 तक की विस्तार अवधि का उल्लेख करते हुए कहा है कि वर्तमान व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जरूरत है।

इसके तहत ऐसी व्यवस्था तैयार करने का प्रस्ताव है, जो कानूनी रूप से व्यवहार्य होने के साथ शिक्षकों के लिए व्यावहारिक भी हो। शिक्षक पात्रता मानदंडों का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा, ताकि शैक्षणिक मानकों को बनाए रखते हुए शिक्षकों की सेवा निरंतरता से जुड़े पहलुओं में संतुलन स्थापित किया जा सके।

साल में दो बार परीक्षा के लिए मजबूत किया जाएगा ढांचा

ऐसे इन-सर्विस शिक्षकों के लिए व्यावहारिक समाधान तैयार करने पर भी विचार होगा, जिन्हें नए कानूनी प्रविधानों का पालन करना आवश्यक है। इसके लिए ऐसी रणनीति तैयार की जाएगी, जिससे शिक्षकों को होने वाली व्यावहारिक दिक्कतों और सेवा संबंधी व्यवधानों को न्यूनतम किया जा सके।

केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शिक्षक पात्रता परीक्षाओं के नियमित और समयबद्ध आयोजन के लिए परीक्षा ढांचे को सुव्यवस्थित करने पर भी जोर दिया है। परीक्षा साल में दो बार अथवा निर्धारित समय-सीमा के भीतर आयोजित करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम में संशोधन संभव

समीक्षा प्रक्रिया में राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद और शिक्षा विशेषज्ञों को शामिल कर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही संबंधित कानूनी ढांचे और शिक्षा का अधिकार अधिनियम में संभावित वैधानिक संशोधनों की तकनीकी व्यवहार्यता भी जांची जाएगी, ताकि शिक्षक पात्रता परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सके।

मंत्रालय ने सभी संबंधित राज्य शिक्षा प्राधिकरणों और नोडल एजेंसियों से अपने-अपने स्तर पर आने वाली विशिष्ट चुनौतियों के संबंध में तथ्य आधारित सुझाव और क्षेत्रीय फीडबैक कार्यालय ज्ञापन जारी होने की तारीख से 30 दिन के भीतर भेजने को कहा है। इससे प्राप्त सुझावों और आंकड़ों के आधार पर आगे की विधायी एवं प्रशासनिक समीक्षा को आगे बढ़ाया जाएगा।