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जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा में जिन लोगों ने फर्जी ढंग से पेंशन ली है, उनसे राशि की रिकवरी होगी। हालांकि ऐसे व्यक्तियों से न तो पेनाल्टी वसूली जाएगी और न ही ब्याज। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रदेश में फर्जी पेंशन हासिल करने वाले लोगों की संख्या 30 हजार है,  जिनसे रिकवरी की जानी है। रिकवरी की राशि का आंकड़ा तैयार किया जा रहा है।

30 हजार लोगों से की जाएगी वसूली, नहीं दर्ज होगी एफआइआर, पहले से दर्ज मुकदमे भी होंगे वापस

राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के इस प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने मंजूर कर लिया है। संबंधित लोगों के साथ एकमुश्त सेटलमेंट किया जाएगा और उनसे कोई ब्याज भी नहीं लिया जाएगा। जिन लोगों पर एफआइआर दर्ज हो चुकी है, वह वापस होगी और नई एफआइआर दर्ज नहीं होगी।

19.50 रुपये किलोमीटर दर पर किराये पर 500 बसें लेगी सरकार

मंत्रिमंडल की बैठक में किराये पर करीब 500 बसें चलाने का अहम फैसला लिया गया। यह बसें किलोमीटर आधार पर किराये पर ली जाएंगी। परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार द्वारा पेश की गई नई नीति के मुताबिक 19.50 रुपये प्रति किलोमीटर की दर पर किराये पर यह बसें ली जाएंगी। एक बस पर दो लाख रुपये की नीलामी (बोली) राशि तय की गई है।

इमरजेंसी में जेल गए लोगों को 10 हजार मासिक पेंशन

हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में इमरजेंसी में जेल जाने वाले लोगों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। इस योजना को हरियाणा राज्य शभ्रज्योत्स्ना पेंशन नाम दिया गया है। 1 नवंबर 2017 से यह योजना मान्य होगी। यदि बुढापा पेंशन ले रहे हैं तो उक्त राशि शुभ्र ज्योत्सना पेंशन में से से कम हो जाएगी।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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