जेएनएन, चंडीगढ़। कांग्रेस में रहते तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के लिए मुश्किलें खड़ी करते रहे अहीरवाल के दिग्गज राव इंद्रजीत सिंह ने एक बार फिर हुड्डा के गढ़ को चुना है। दिल्ली के रास्ते चंडीगढ़ पहुंचने की जुगत भिड़ाते रहे केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत रविवार को झज्जर में शक्ति प्रदर्शन कर एक तीर से कई निशाने साधेंगे। सियासी गलियारों में इस रैली को उनकी भविष्य की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

झज्जर में केंद्रीय मंत्री के शक्ति प्रदर्शन के पीछे कई मायने

राव इंद्रजीत लंबे समय तक कांग्रेस में रहने के बाद पिछले लोकसभा से ठीक पहले समर्थकों सहित भाजपा में शामिल हो गए थे। उनकी राजनीति शुरू से ही दक्षिण हरियाणा में रही है और वह खुद को अहीरवाल के नेता के रूप में ही प्रोजेक्ट करते रहे हैं।

रविवार को राव इंद्रजीत झज्जर में अपनी ताकत दिखाएंगे जो रोहतक लोकसभा क्षेत्र में पड़ता है। इससे पहले जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रभावित गांवों का दौरा करने में भी वह आगे रहे थे। ऐसे में झज्जर रैली के कई मायने हैं।

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राव इंद्रजीत के भाजपा में आने के बाद पार्टी को दक्षिण हरियाणा में खासा लाभ मिला था। राव का दर्जनभर विधानसभा सीटों तथा तीन लोकसभा सीटों पर सीधा प्रभाव है। रैली में अगर भीड़ जुटती है तो राव इंद्रजीत पार्टी हाईकमान को यह संदेश देने में कामयाब हो जाएंगे कि दक्षिण हरियाणा से सटे दूसरे इलाकों में भी उनका अच्छा खासा प्रभाव है।

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Posted By: Sunil Kumar Jha