हरियाणा के हांसी में पहली बार मनाया जाएगा अमर शहीद राव तुलाराम का बलिदान दिवस, कल आयोजित होगा कार्यक्रम
अमर शहीद राव तुलाराम का शहीदी दिवस इस बार पहली बार दक्षिणी हरियाणा से बाहर हांसी में मनाया जा रहा ...और पढ़ें

हरियाणा के हांसी में पहली बार मनाया जाएगा अमर शहीद राव तुलाराम का बलिदान दिवस (फाइल फोटो)
HighLights
राव तुलाराम शहीदी दिवस पहली बार दक्षिणी हरियाणा से बाहर हांसी में।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह व बेटी आरती राव कार्यक्रम में।
यह आयोजन राव इंद्रजीत की अहीरवाल से बाहर राजनीतिक सक्रियता का संकेत।
अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। अमर शहीद राव तुलाराम का शहीदी दिवस इस बार केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं रहेगा। 23 सितंबर यानी बुधवार को नव गठित जिले हांसी में होने वाला आयोजन केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है।
पहली बार दक्षिणी हरियाणा से बाहर राव तुलाराम का शहीदी दिवस मनाया जा रहा है। हांसी के दिल्ली रोड टी-प्वाइंट पर नवनिर्मित शहीद राव तुलाराम चौक का लोकार्पण और उनकी विशाल प्रतिमा का अनावरण होगा। कार्यक्रम में राव इंद्रजीत सिंह मुख्य अतिथि और उनकी बेटी हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव विशिष्ट अतिथि होंगी।
राव इंद्रजीत लंबे समय से 23 सितंबर को राव तुलाराम के शहीदी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित करते रहे हैं। अब तक इन आयोजनों का केंद्र दक्षिणी हरियाणा और अहीरवाल रहा है। 2021 में झज्जर के खेड़ा-पाटौदा में भी राव इंद्रजीत की मौजूदगी में प्रदेश स्तरीय शहीदी दिवस समारोह हुआ था। ऐसे में इस बार हांसी को आयोजन स्थल बनाना सामान्य स्थान परिवर्तन से आगे का राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
राव तुलाराम की पहचान लंबे समय से अहीरवाल और दक्षिणी हरियाणा की सामाजिक-राजनीतिक विरासत से जुड़ी रही है। राव इंद्रजीत भी इस विरासत के प्रमुख राजनीतिक प्रतिनिधियों में शामिल हैं।
ऐसे में हांसी जैसे शहर में राव तुलाराम की प्रतिमा स्थापित होना और उसी के अनावरण के अवसर पर शहीदी दिवस समारोह आयोजित करना इस विरासत को दक्षिणी हरियाणा की सीमाओं से बाहर ले जाने की कोशिश है।
राव बीरेंद्र सिंह का हिसार-हांसी से पुराना नाता
इसमें हांसी-हिसार का सामाजिक समीकरण भी महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में यादव समाज की उल्लेखनीय सामाजिक मौजूदगी है और विभिन्न चुनावों में सामाजिक समूहों की भूमिका राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करती रही है।
राव इंद्रजीत का इस क्षेत्र से राजनीतिक संपर्क नया नहीं है। उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेंद्र सिंह के समय से ही हिसार और हांसी क्षेत्र के लोगों से उनके सामाजिक संबंध रहे हैं। राव इंद्रजीत स्वयं भी चुनावी दौर में इस क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं।
आरती राव की मौजूदगी से अगली पीढ़ी का संदेश
इस बार के आयोजन की खास बात राव इंद्रजीत के साथ उनकी बेटी स्वास्थ्य मंत्री आरती राव की मौजूदगी है। आरती राव दक्षिणी हरियाणा के अलावा प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रियता बढ़ा रही हैं।
ऐसे में राव तुलाराम की विरासत से जुड़े आयोजन को हांसी तक ले जाने और उसमें पिता-पुत्री की प्रमुख भूमिका को राजनीतिक हलकों में अलग नजर से देखा जा रहा है। 23 सितंबर का कार्यक्रम एक साथ तीन तस्वीरें दिखाएगा। राव तुलाराम की ऐतिहासिक विरासत, हांसी-हिसार का सामाजिक आधार और राव इंद्रजीत की अहीरवाल से बाहर बढ़ती राजनीतिक सक्रियता। आयोजन के मंच पर पिता-पुत्री की मौजूदगी इस संदेश को और स्पष्ट करने वाली है।
