राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। राज्यसभा सदस्य व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने समूचे हरियाणा को बाढ़ग्रस्त घोषित कर पीड़ितों को तत्काल आपदा राहत कोष से मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भारी बारिश से न केवल लाखों एकड़ कृषि भूमि में जलभराव हो गया है, बल्कि हजारों मकान को भारी नुकसान हुआ है।

सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश में करीब आठ लाख एकड़ से अधिक फसलें जलमग्न हैं। खेतों में पकी खड़ी फसल में 50 से 90 प्रतिशत तक नुकसान है। कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, जींद, शाहाबाद, अंबाला, यमुनानगर, जगाधरी, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, रेवाड़ी, झज्जर, नारनौल, भिवानी, भूना सहित पूरे प्रदेश में धान, कपास, बाजरा की फसलें खेतों में बिछ गई हैं।

उन्होंने कहा कि अनाज मंडियों में न पानी निकासी की कोई सुविधा है और न उचित संसाधन। यमुना नदी, घग्गर नदी व मारकंडा में पानी का स्तर अत्यंत ज्यादा होने पर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। आसपास के क्षेत्र में सरकार की तरफ से कोई उचित प्रबंध क्यों नहीं किए गए हैं?

सुरजेवाला ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला खुद हर जिले में जाकर स्थिति का जायजा लें। किसानों को अगले सात दिनों के अंदर धान-बाजरा व कपास की फसलों की गिरदावरी कर प्रति एकड़ 30 हजार से 50 हजार रुपये तक का मुआवजा दिया जाए।

इसके साथ ही पट्टेदार, काश्तकारों व खेत में किसान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाले मजदूर को भी उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि नुकसान के मुआवजे को लेकर बार-बार दफ्तरो में चक्कर काटने को लेकर दी जाने वाली दर्खास्त पर रोक लगाई जाए।

Edited By: Kamlesh Bhatt

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