पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से दिव्यांग कर्मचारी को बड़ी राहत, 58 की उम्र में नहीं होंगे सेवानिवृत्त
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 45% शारीरिक दिव्यांगता वाले एक कर्मचारी सतिंदर पाल को 58 वर्ष की आयु पूरी होने ...और पढ़ें
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हाईकोर्ट से दिव्यांग कर्मचारी को बड़ी राहत। सांकेतिक फोटो
HighLights
दिव्यांग कर्मचारी सतिंदर पाल को सेवा में बने रहने की अनुमति।
45% शारीरिक दिव्यांगता के बावजूद 58 पर नहीं होगी सेवानिवृत्ति।
सुप्रीम कोर्ट में लंबित है दिव्यांगों की सेवानिवृत्ति आयु का मामला।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार के 45 प्रतिशत स्थायी शारीरिक दिव्यांगता वाले कर्मचारी को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने सतिंदर पाल को 58 वर्ष की आयु पूरी होने के बावजूद फिलहाल सेवा में बने रहने की अनुमति दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वह अगली सुनवाई तक सेवानिवृत्त नहीं होंगे। दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु से जुड़ा विवाद सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
जस्टिस निधि गुप्ता की पीठ ने सतिंदर पाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम राहत प्रदान की। अदालत ने राज्य सरकार की ओर से जारी उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई स्वीकार की, जिसके तहत याचिकाकर्ता को 30 अक्टूबर 2026 को 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्त करने का निर्देश दिया गया था।
सतिंदर पाल को समान राहत देने का अनुरोध
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास चतरथ ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि दिव्यांग कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु को लेकर समान स्थिति वाले कर्मचारियों को पहले भी अंतरिम संरक्षण दिया जा चुका है। इसी आधार पर सतिंदर पाल को भी समान राहत देने का अनुरोध किया गया।
याचिका में कहा गया कि कर्मचारी की 45 प्रतिशत स्थायी चलने-फिरने संबंधी दिव्यांगता के बावजूद उसे 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त करने का निर्णय लिया गया है। याचिकाकर्ता ने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित विवाद का अंतिम निर्णय आने तक उसे सेवा में जारी रखा जाए और वेतन सहित अन्य सेवा लाभ भी दिए जाएं।
जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय
हाईकोर्ट ने मामले में 26 अगस्त 2026 को अनिल कुमार बनाम हरियाणा राज्य मामले में पारित आदेश के अनुरूप नोटिस जारी किया। हरियाणा सरकार की ओर से नोटिस स्वीकार करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 मार्च 2027 की तारीख निर्धारित की है। साथ ही अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया कि तब तक याचिकाकर्ता 58 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद भी सेवा में बना रह सकेगा।
