हरियाणा में अंशकालिक कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, सरकार देगी पुरानी पेंशन का लाभ; हाई कोर्ट ने दिए निर्देश
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के 184 अंशकालिक कर्मचारियों को राहत दी है, जिसमें नियमित होने से पहले की निरंतर सेवा को पेंशन गणना में शामिल किया जाएगा।

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट फाइल फोटो
HighLights
नियमित होने से पहले की सेवा पेंशन में जुड़ेगी
184 अंशकालिक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ
तीन महीने में वित्तीय लाभ जारी करने का आदेश
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अंशकालिक आधार पर काम करने के बाद नियमित हुए कर्मचारियों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राहत दी है।
अदालत ने कहा कि नियमित होने से पहले अंशकालिक, दैनिक वेतन या तदर्थ आधार पर की गई निरंतर सेवा को पेंशन के लिए अर्हकारी सेवा में शामिल किया जाएगा। इससे कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने जगदीश व अन्य की याचिका पर यह फैसला सुनाया।
याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि सरकारी स्कूलों में नियमित होने से पहले की गई सेवा पेंशन की गणना में जोड़ी जाए। उन्होंने ओपीएस के तहत पेंशन, सेवानिवृत्ति उपदान और अन्य वित्तीय लाभ देने तथा नई पेंशन योजना के खातों के स्थान पर सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते खोलने की मांग भी की थी।
1983 और 2003 के बीच हुई थी भर्ती
कर्मचारियों के अनुसार, उनकी नियुक्तियां 1983 से 2003 के बीच अंशकालिक आधार पर हुई थीं। हरियाणा सरकार की 11 नवंबर 2003 और 27 फरवरी 2004 की नियमितीकरण नीतियों के तहत अलग-अलग समय पर उनकी सेवाएं नियमित की गईं। उनका तर्क था कि नियमित होने से पहले लगातार की गई सेवा को पेंशन लाभों से बाहर नहीं रखा जा सकता।
हाईकोर्ट ने कहा कि नियमित होने से पहले की अंशकालिक, दैनिक वेतन, तदर्थ या अस्थायी सेवा को पेंशन के लिए अर्हकारी सेवा में शामिल करने का मुद्दा विभिन्न न्यायिक फैसलों में स्पष्ट किया जा चुका है।
अदालत ने जीवन लता, राजेश कुमार, बिमला देवी, जगदीश और ओम प्रकाश के मामलों का उल्लेख किया। साथ ही हरियाणा के जिले सिंह मामले और उस पर खंडपीठ की मुहर का हवाला दिया।
सुप्रीम कोर्ट के पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड बनाम सतनाम सिंह मामले का भी उल्लेख करते हुए अदालत ने कहा कि लंबे समय तक निरंतर सेवा देने और बाद में नियमित होने वाले कर्मचारियों को तकनीकी आधार पर पेंशन लाभ से वंचित करना उचित नहीं है।
184 कर्मचारियों के पक्ष में सरकार को दिया निर्देश
हाईकोर्ट ने 184 कर्मचारियों के पक्ष में याचिका स्वीकार कर राज्य सरकार को निर्देश दिया कि प्रारंभिक नियुक्ति से नियमितीकरण तक की सेवा को पेंशन गणना में जोड़ा जाए। इसके बाद नियमित सेवा की अवधि शामिल कर पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ तय किए जाएं। नियुक्ति और नियमितीकरण की तारीखों सहित संबंधित तथ्यों का सत्यापन होगा। प्रमाणित आदेश की प्रति मिलने के तीन महीने के भीतर लाभ जारी करने होंगे।
