गुरुग्राम की DLF कॉलोनियों में अवैध निर्माण पर अब डीटीसीपी करेगा कार्रवाई, हाई कोर्ट ने दी हरी झंडी
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि गुरुग्राम की डीएलएफ कॉलोनियों में नियमों के विपरीत निर्माण और व्यावसायिक इस्तेमाल पर डीटीसीपी कार्रवाई कर सकता है।

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट फाइल फोटो
HighLights
हाई कोर्ट ने डीएलएफ कॉलोनियों में डीटीसीपी की कार्रवाई को वैध बताया।
गुरुग्राम की डीएलएफ फेज 1-5 में अवैध निर्माण पर डीटीसीपी करेगा कार्रवाई।
आवासीय संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग, एफएआर उल्लंघन मुख्य मामले।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। गुरुग्राम की पॉश डीएलएफ कॉलोनियों में नियमों के विपरीत किए गए निर्माण और आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर कार्रवाई को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट की है।
अदालत ने कहा है कि किसी लाइसेंसशुदा कॉलोनी के नगर निगम की सीमा में शामिल हो जाने से नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग (डीटीसीपी) की वैधानिक शक्तियां समाप्त नहीं हो जातीं।
यानी डीएलएफ फेज-1 से 5 में भवन नियमों के उल्लंघन पर डीटीसीपी भी कानून के तहत कार्रवाई कर सकता है।
इससे लंबे समय से चले आ रहे अधिकार क्षेत्र के विवाद का रास्ता साफ हुआ है। मामला डीएलएफ फेज-1 से 5 में भवन निर्माण और संपत्तियों के उपयोग से संबंधित है।
सर्वे के दौरान आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने, स्वीकृत अधिकतम फर्श क्षेत्र अनुपात से अधिक निर्माण करने और स्वीकृत सीमा से अतिरिक्त मंजिलें बनाने जैसे मामले सामने आए। विभाग ने ऐसे उल्लंघनों को गैर-समायोज्य श्रेणी में रखा। इसके बाद संबंधित संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी किए गए।
