राजेश मलकानियां, पंचकूला

कबड्डी खिलाड़ी व हरियाणा के जींद के बुडायन गांव के रहने वाले विकास कंडोला ने विभिन्न परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन किया है। वह करो या मरो या सुपर टैकल के तौर पर खेलते हैं। सुपर टैकल में उनका स्ट्राइक रेट 81 फीसद है। हरियाणा स्टीलर्स के खिलाड़ी वीरवार को पंचकूला पहुंचे। उन्होंने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि हरियाणा स्टीलर्स शानदार प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। विकास कंडोला ने कहा है कि पहले मैं नौकरी पाने के लिए कबड्डी खेलता था, लेकिन अब यही मेरी जिदगी है।

कबड्डी में आपका रोल मॉडल कौन है?

मैं बचपन से ही (हरियाणा स्टीलर्स) केकोच राकेश कुमार का अनुसरण करना चाहता था। वह मेरे आदर्श हैं। यह काफी खुशी की बात है कि वह इस सीजन में मेरे कोच भी हैं। मुझे लगता है कि मेरे खेल में काफी सुधार हुआ है। कोच राकेश कुमार ने आपके खेल में कैसे सुधार किया है?

कोच राकेश कुमार ने मेरे साथ बहुत सी बातें साझा की हैं, जिनमें बोनस अंक अर्जित करना भी शामिल है। उन्होंने मुझसे कहा कि सभी रेड्स में एक अलग दृष्टिकोण है, क्योंकि कभी-कभी एक खेल में अलग-अलग डिफेंडर की स्थिति (डीआइपी) होती है। मैं उससे जितना सीख सकता हूं, सीखने की कोशिश कर रहा हूं। व्यक्तिगत रूप से राकेश कुमार हरियाणा स्टीलर्स के लिए कोच के रूप में एक आशीर्वाद है। क्या आपको लगता है कि आपकी चोट से हरियाणा स्टीलर्स बाहर हो गई थी?

मुझे चोट के कारण सीजन के शुरुआत में परेशानी हुई। मेरी वापसी के बाद हमारी टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया, क्योंकि मैं महत्वपूर्ण रेड्स अंक लेने और खुलकर बोलने में सक्षम था, यह मेरा अब तक का सबसे अच्छा सीजन है। आप हरियाणा स्टीलर्स के प्रदर्शन को कैसे देखते हैं?

यह संतोषजनक रहा है, लेकिन काम केवल आधा किया गया है। हम सभी चार घरेलू मैच जीतना चाहते हैं और अंक तालिका में शीर्ष दो में रहना चाहते हैं। हालांकि, अंतिम उद्देश्य ट्रॉफी जीतना है, क्योंकि टीम इतना अच्छा खेल रही है। इस सीजन में हरियाणा स्टीलर्स के बेहतर प्रदर्शन के क्या कारण हैं?

कोच साहब का सबसे महत्वपूर्ण योगदान है। उनके मार्गदर्शन में हमने एक बेहतर टीम के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया है। हम व्यक्तिगत प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित नहीं कर रहे हैं। मुझे लगता है कि इस सीजन में हम एक संगठन के रूप में खेल रहे हैं और व्यक्तिगत प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित नहीं कर रहे हैं। यही कारण है कि हम इतना अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इस खेल को करियर बनाना चाहते हैं?

ईमानदारी से कहूं तो मैंने स्पो‌र्ट्स कोटे के जरिए नौकरी पाने के लिए कबड्डी खेलना शुरू किया, लेकिन अब ऐसा नहीं है। मैंने महसूस किया है कि मैं सिर्फ नौकरी की तलाश में बेहतर कर सकता हूं। मुझे यह महसूस हुआ कबड्डी मेरी असली जिदगी है। मेरा उद्देश्य फिट रहना और अपने देश और क्लब के लिए मैच जीतते रहना है।

Posted By: Jagran

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