चंडीगढ़, [अनुराग अग्रवाल]। 17 अगस्त से शुरू हो रहे हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में सियासी दल विभिन्न मुद्दों को लेकर आपस में भिड़ते नजर आएंगे। तीन दिन तक चलने वाले मानसून सत्र के दौरान विधानसभा के बाहर और भीतर जमकर हंगामा होगा।

17 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र के दौरान विधानसभा के बाहर और भीतर रहेगा गरमा-गरमी का माहौल

एसवाईएल नहर निर्माण का मुद्दा हो या फिर जाट आरक्षण, कर्मचारियों को पक्का करने और किसानों की फसलों के दाम बढ़ाने का मामला, इन मुद्दों पर विधानसभा में विधायकों के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। वहीं इनेलो का हरियाणा बंद और कर्मचारियों का विधानसभा कूच सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकता है।

इनेलो का हरियाणा बंद और कर्मचारियों का विधानसभा कूच बढ़ाएगा सरकार की मुश्किले

विधानसभा का मानसून सत्र 17 अगस्त को दोपहर दो बजे से शुरू होगा। इससे पहले सुबह 11 बजे विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी और विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला सरकार पर विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने का दबाव बना सकते हैं। वैसे तो सत्र 21 अगस्त तक चलना प्रस्तावित है, लेकिन विपक्ष के दबाव में एक दिन अवधि बढ़ाई जा सकती है। अमूमन मानसून सत्र तीन से चार दिन ही चलता है।

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विधानसभा सत्र शुरू होने से एक दिन पहले यानी बृहस्पतिवार से ही हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर नौ जिलों में धरने प्रदर्शन शुरू हो चुके होंगे। आंदोलनकारियों का नेतृत्व यशपाल मलिक कर रहे हैं। वहीं किसानों को फसलों के कम रेट दिए जाने का आरोप लगाते हुए विपक्ष के नेता अभय चौटाला यदि 17 अगस्त को पार्टी विधायकों के साथ ढोल लेकर विधानसभा पहुंच गए तो सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर हंगामा हो सकता है। हालांकि इसके लिए सुरक्षा कर्मियों को सतर्क रहने के लिए कह दिया गया है। इसी दिन कंप्यूटर शिक्षक विधानसभा का घेराव करने की तैयारी में हैं।

विधानसभा सत्र के अगले दिन 18 अगस्त को इनेलो ने एसवाईएल नहर निर्माण के लिए हरियाणा बंद का आह्वान कर रखा है। इसके लिए अभय चौटाला, अशोक अरोड़ा, रामपाल माजरा, दुष्यंत चौटाला और जसविंद्र संधू सरीखे कई नेता जुटे हुए हैं। 19 व 20 अगस्त को अवकाश है।

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लिहाजा 21 अगस्त को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने व हाई कोर्ट के निर्णय से प्रभावित करीब पांच हजार कर्मचारियों की नौकरी बचाने के लिए संशोधित बिल लाने का दबाव बनाया हुआ है। इस बिल के लिए हजारों कर्मचारी विधानसभा कूच करेंगे। इसी दिन कालेजों में कार्यरत एक्सटेंशन लेक्चरार भी विधानसभा की तरफ कूच करेंगे।

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सत्र के पहले दिन विधायकों द्वारा पूछे जाएंगे ये प्रमुख सवाल

1. क्या राजकीय प्राथमिक स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं शुरू करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन है?

- केहर सिंह, इनेलो विधायक, हथीन

2. प्राकृतिक आपदा और कीटों से क्षतिग्रस्त फसलों का तुरंत सर्वेक्षण कराने के लिए क्या कोई टोल फ्री नंबर आरंभ करने की कोई योजना है?

- परमेंद्र सिंह ढुल, इनेलो विधायक, जुलाना

3. बढ़े हुए मूल्य पर बाजरे की खरीद के लिए सरकार ने क्या तैयारी की है?

 - अभय सिंह यादव, भाजपा विधायक, नांगल चौधरी

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4. क्या राज्य में आयातित चाइनीज नमक की बिक्री हो रही है?

- कर्ण सिंह दलाल, कांग्रेस विधायक, पलवल

5. क्या भिवानी में कार्गो हवाई अड्डा विकसित करने की कोई योजना है?

- घनश्याम सर्राफ, भाजपा विधायक, भिवानी

6. लैंड मोरगेज बैंक की कितना बकाया राशि किसानों पर है। इसका जिलावार ब्योरा क्या है?

- परमेंद्र सिंह ढुल, इनेलो विधायक, जुलाना

7. हरियाणा में शिशु मृत्यु दर का जिलावार ब्योरा क्या है। इसे नियंत्रित करने के लिए क्या किया जा रहा है?

-डा. हरिचंद मिड्ढा, इनेलो विधायक, जींद

8. हरियाणा के सरकारी स्कूलों में स्वीकृत शिक्षकों के पदों की कैडरवार संख्या कितनी है। अतिथि अध्यापकों की क्या स्थिति है?

- उदयभान, कांग्रेस विधायक, होडल

9. राज्य में दिल के दौरों के कारण मृत्यु बढ़ी है। इनके तीन साल का ब्यौरा दें। दिल के दौरों से बचाने के लिए सरकार क्या कर रही?

- जगबीर मलिक, कांग्रेस विधायक, गोहाना।

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Posted By: Sunil Kumar Jha