राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Bhupinder Singh Hooda: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्‍य की भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार पर जमकर हमला किया है। उन्‍होंंने कहा कि हरियाणा में सिर्फ पोर्टल की सरकार चल रही है। इस सरकार ने  परिवार पहचान पत्र में दर्ज आय की जांच के नाम पर राज्य के करीब साढ़े पांच लाख पात्र लोगों की पेंशन काट दी  है। परिवार पहचान पत्र से लोगों को किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

कहा- परिवार पहचान पत्र का इस्‍तेमाल योजनाओं का लाभ बंद करने व पेंशन काटने में

उन्‍होंने कहा कि प्रदेश सरकार परिवार पहचान पत्र को योजनाओं का लाभ बंद करने तथा पेंशन काटने वाले दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल कर रही है। हुड्डा ने कहा कि राज्य में पोर्टल की सरकार चल रही है। विधानसभा में सरकार यह तक जवाब नहीं दे पाई कि कितने पोर्टल चल रहे हैं। सरकार को सिर्फ पोर्टल खोलने से मतलब है, भले ही वह चल भी रहे हैं या नहीं, इसके बारे में सरकार को कोई चिंता नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने खोला गठबंधन की सरकार के खिलाफ मोर्चा

विधानसभा का मानसून सत्र खत्म होने के बाद अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि राज्य की अधिकतर आबादी खासकर गांवों में रहने वाले लोगों को पोर्टल चलाने नहीं आते। इन्हें कैसे चलाया जाता है, इसकी जानकारी देने वाला भी कोई नहीं है। इसी वजह से लोग सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

कहा- तिरंगा खरीदने की अनिवार्यता से कम नहीं होगा प्रदेश का सवा तीन लाख करोड़ का कर्ज

हुड्डा ने कहा कि परिवार पहचान पत्र सामाजिक पेंशन लेने वाले लोगों के लिए आफत बन गया है। अगर किसी बुजुर्ग का बेटा विदेश में रहता है और वह अपने पिता को खर्च-पानी देता भी है या नहीं, परिवार पहचान पत्र अथवा सरकार का कोई भी पोर्टल इस बात की जांच नहीं करता। सिर्फ पेंशन काटकर चैप्टर बंद कर देता है। यह स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने तिरंगा खरीदने की अनिवार्यता का विरोध करते हुए कहा कि प्रदेश पर सवा तीन लाख करोड़ रुपये का कर्ज बढ़ गया है। तिरंगा खरीदने की अनिवार्यता करने से यह कर्ज कम नहीं होगा।

कहा- राज्‍य में भ्रष्‍टाचार बढ़ा

भूपेंद्र हुड्डा ने राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ने का दावा करते हुए कहा कि खुद भाजपा व जजपा विधायकों ने विधानसभा में खुलकर आवाज बुलंद की है। किसी भी मामले को दबाने के लिए सरकार एसआइटी बना देती है, लेकिन उसकी रिपोर्ट कभी नहीं आती।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में 38 हजार शिक्षकों और अस्पतालों में 10 हजार डाक्टरों की कमी है। बेरोजगारी दर 29.6 प्रतिशत तक पहुंच गई। सरकार सीएमआइई की रिपोर्ट को नहीं मानती, लेकिन एसडीजी की रिपोर्ट में भी यह 9.8 प्रतिशत है, जो राष्टीय औसत से 37 प्रतिशत अधिक है।

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भूपेंद्र हुड्डा ने एचटेट पास युवाओं को अभी तक नौकरी नहीं दिए जाने पर चुटकी ली कि वह नौकरी पाए बिना ही रिटायर होने की उम्र में पहुंचने वाले हैं। उन्होंने राज्य में जल निकासी का उचित बंदोबस्त करने की मांग करते हुए कहा कि शामलात की जमीनों के निजी इंतकाल रद करने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले सरकार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले की समीक्षा करनी चाहिए।

चकबंदी कानून में संशोधन कर राहत दे सरकार

हुड्डा ने सुझाव दिया कि शामलात जमीन पर निजी इंतताल रद करनेसे बचने का एक ही रास्ता है कि चकबंदी कानून में संशोधन कर लोगों को राहत दी जाए। हुड्डा ने अग्निपथ योजना का विरोध करते हुए कहा कि अब बेटा पहले रिटायर हुआ करेगा और पिता बाद में रिटायर होगा। उन्होंने राज्य सरकार को सुझाव दिया कि उसके द्वारा पक्की नौकरी देने का वादा तभी पूरा होगा, जब युवाओं को अग्निवीर बनने से पहले ही वह अपने राज्य में नौकरियों के आफर लेटर दे दे।

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Edited By: Sunil Kumar Jha