राजेश ढल्ल, चंडीगढ़

कोरोना संक्रमण जैसे संकट काल में भी नेता सियासत से बाज नहीं आ रहे हैं। चाहे जरूरतमंदों को मदद का मुद्दा हो या लॉकडाउन में छूट या प्रवासी मजदूरों का मामला, खास तौर से भाजपा और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर तोहमत लगाने में जुटे हुए हैं। मगर दिलचस्प बात यह है कि स्कूल फीस में इजाफे के मुद्दे पर नेताओं ने चुप्पी साध रखी है। सांसद खेर को दो बार सोशल मीडिया के जरिये देना पड़ा जवाब

नेताओं की सियासत का आलम यह है कि कांग्रेस के आरोप का जवाब देने के लिए सांसद किरण खेर को खुद दो बार फेसबुक पर वीडियो शेयर कर जवाब देना पड़ा है। खेर ने कांग्रेस नेताओं को यहां तक कह दिया था कि कोरोना संकट खत्म होने पर आप सभी को मुंबई लेकर एक्टिग की जॉब दिलवाऊंगी। कांग्रेस ने उठाया नकली क‌र्फ्यू पास बनावाने का मुद्दा

वहीं इस समय कांग्रेस के नेताओं ने डिप्टी मेयर जगतार जग्गा की ओर से नकली पास बनाने और भाजपा जिलाध्यक्ष रविदर पठानिया की ओर से चेक बाउंस के मामले में भी भगोड़ा होने का मामला उठाया। हालांकि पठानिया को कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। भाजपा- कांग्रेस की गुटबाजी भी आई सामने

कोरोनाकाल में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं की अंदरूनी गुटबाजी भी सामने आई है। जिनमें अलग-अलग काम करने का क्रेडिट वार लेने की होड़ लगी हुई है। गुटबाजी खत्म करने में पार्टी हाईकमान असफल रहा है। भाजपा में टंडन गुट और जैन गुट सक्रिय है। इन दोनों में छत्तीस का आकड़ा है। वहीं कांग्रेस में इस समय पार्षद दल के नेता देवेंद्र सिंह बबला ने कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा से अलग काम करने की राह बनाई है।

जरूरतमंदों की मदद के नाम पर सोशल मीडिया के जरिये क्रेडिट लेने की होड़

कांग्रेस और भाजपा की ओर से जरूरतमंदों को जो मास्क और लंगर बांटा जा रहा है, उसका भी क्रेडिट लेने के लिए प्रमुख नेता सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। नेताओं की ओर से वीडियो शेयर की जा रही है। भाजपा के चंडीगढ़ अध्यक्ष अरुण सूद ने खुद पीएम नरेंद्र मोदी की छवि बिगाड़ने के मामले में चंडीगढ़ से सोनिया गांधी को नोटिस भेजे हैं। इसके जवाब में कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सूद पहले अपने डिप्टी मेयर और जिलाध्यक्ष को नोटिस भेजे। कांग्रेस ने इस पर भ्रष्टाचार और ठगी का आरोप लगाया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल ने भी दो बार प्रेसवार्ता कर कोरोना संकट में सरकार की कारगुजारी और आर्थिक पैकेज पर कई सवाल उठाए हैं। गारबेज फ्री सिटी के मामले में भी निशाने पर भाजपा

गारबेज फ्री सिटी के मामले में थ्री स्टार रेटिग आने पर कांग्रेस पार्षद सतीश कैंथ ने शहर की सफाई व्यवस्था पर हो रहे खर्चे पर सवाल उठाएं थे। जबकि मेयर ने थ्री स्टार रेटिग आने पर सोशल मीडिया खुशी जाहिर की थी। मगर स्कूल फीस के मुद्दे पर नेताओं ने साधी चुप्पी

प्रशासन की ओर से स्कूलों के पक्ष में ट्यूशन फीस जमा कराने का फैसला लिया गया है। इसके खिलाफ भाजपा के अपने नेता भी आ गए हैं। फीस के मामले में इस समय अभिभावक सड़कों पर उतरे हुए हैं। लेकिन इस मुद्दे पर कांग्रेस के अधिकतर नेताओं ने चुप्पी साध रखी है। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने एक सप्ताह पहले लोगों के बिजली, पानी के बिल के अलावा स्कूल फीस माफ करने का प्रैस नोट जारी किया था।

यह समय सियासत का नहीं : सुरेंद्र शर्मा

दूसरी ओर क्राफ्ड के वाइस चेयरमैन सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि यह समय राजनीति करने और एक-दूसरे पर आरोप लगाने का नहीं है। आपदा की स्थिति में हर दल के नेता को एकजुट होकर चंडीगढ़ को कोरोना मुक्त बनाने के लिए काम करना चाहिए। किसी भी शहरवासी का ध्यान राजनीति में नहीं है।

Posted By: Jagran

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