'नकली पगड़ी' पर पंजाब में सियासी संग्राम, CM भगवंत मान के तंज पर भड़के हरियाणा सीएम नायब सैनी
पंजाब में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की पगड़ी को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। भगवंत मान ने इसे ...और पढ़ें
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पंजाब की सियासत में छिड़ी ‘पगड़ी’ की लड़ाई।
HighLights
नायब सैनी की पगड़ी को भगवंत मान ने बताया 'नकली'।
सैनी ने पगड़ी को गुरुओं के सम्मान से जोड़ा, माफी मांगी।
पंजाब चुनाव से पहले पगड़ी बनी राजनीतिक पहचान का मुद्दा।
अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। पंजाब में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भाजपा के लिए अहम राजनीतिक चेहरा बनते जा रहे हैं। पंजाब में उनका लगातार दौरा, सिर पर सजी दस्तार और पंजाबी भाषा में मतदाताओं से संवाद अब मात्र सियासी सक्रियता नहीं रह गया, बल्कि राजनीति में पहचान और प्रतीक की बहस का हिस्सा बन गया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नायब सिंह सैनी की पगड़ी को ‘नकली’ बताकर एक अलग ही मुद्दे को हवा दे दी है, जिस पर अब दोनों दल आमने-सामने हो गए। नायब ने भी अपनी दस्तार को गुरुओं के सम्मान से जोड़ते हुए भगवंत मान पर पलटवार किए हैं।
नायब सैनी जब पंजाब पहुंचते हैं तो उनका अंदाज स्थानीय रंग में नजर आता है। सिर पर पगड़ी और जुबान पर पंजाबी के जरिए वे पंजाबियों के बीच राजनीतिक संवाद कायम करने की कोशिश करते हैं। भाजपा के लिए यह पड़ोसी राज्य में नायब सैनी की स्वीकार्यता बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।
भगवंत मान ने इसी रणनीति पर निशाना साधा है। इस पूरे विवाद ने फिलहाल पंजाब की चुनावी सियासत में एक नया सवाल खड़ा कर दिया है- क्या पंजाब की राजनीति में पगड़ी सिर्फ पहचान का प्रतीक रहेगी या आने वाले चुनाव में यह राजनीतिक दावे और जवाबी दावों का हथियार भी बनेगी।
भगवंत मान ने आरोप लगाया था कि नायब सैनी अपनी गाड़ी में पगड़ी रखते हैं और चंडीगढ़ व पंचकूला से उसे सिर पर रखकर पंजाब पहुंचते हैं। उन्होंने तंज कसा कि शायद सैनी को लगता है कि ‘नकली पगड़ी’ पहनकर वे पंजाबियों का दिल जीत लेंगे या कोई राजनीतिक फायदा हासिल कर लेंगे। मान का यह हमला दरअसल सैनी के पंजाब दौरे और स्थानीय पहचान के साथ उनके जुड़ाव की कोशिश पर सीधा राजनीतिक सवाल है।
भगवंत मान के बयान पर नायब सैनी ने बेहद तीखा पलटवार किया है। उन्होंने पगड़ी को राजनीतिक पहनावा मानने की बजाय इसे सिख गुरुओं की परंपरा, सम्मान और लोगों के स्वाभिमान से जोड़ दिया। सैनी ने कहा कि पगड़ी गुरु रूप है।
भगवंत मान ने दस्तार को नकली पगड़ी कहकर जनता का अपमान किया है। नायब सैनी ने दो कदम आगे बढ़ते हुए भगवंत मान से माफी मांगने की मांग कर डाली। उन्होंने कहा कि अगर मान ने दस्तार को ‘नकली पगड़ी’ कहा है तो उन्हें उस पवित्र स्थान पर जाकर माफी मांगनी चाहिए, जहां गुरुओं ने इस दस्तार को सजाया था। मान को पंजाब के लोगों से भी माफी मांगनी चाहिए। सैनी ने गुरुओं के बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कुर्बानियों की वजह से ही समाज और देश आज इस मुकाम पर है।
पगड़ी की राजनीति पर इस तरह बदला माहौल
यह पलटवार सैनी के लिए सिर्फ अपने ऊपर लगे आरोप का जवाब नहीं है। उन्होंने विवाद को धार्मिक और भावनात्मक प्रतीक से जोड़कर इसकी राजनीतिक जमीन ही बदल दी है। जहां मान का निशाना सैनी के ‘पंजाबी अंदाज’ पर था, वहीं सैनी ने जवाब में दस्तार के सम्मान को केंद्र में ला दिया है।
मान का हमला भाजपा के दावे को चुनौती देने की कोशिश
पंजाब में भाजपा लंबे समय से अपने राजनीतिक आधार का विस्तार करने की कोशिश कर रही है। हरियाणा भाजपा के प्रभारी डॉ. सतीश पुनिया को पंजाब भाजपा का नया प्रभारी बना दिया गया है। वे भी पगड़ी पहनकर पंजाब में निकल पड़े हैं। ऐसे में नायब सिंह सैनी का लगातार पंजाब दौरा पार्टी की रणनीति में खास महत्व रखता है। भाजपा इस कनेक्ट को राजनीतिक पूंजी में बदलना चाहती है।
यही वजह है कि सैनी की पगड़ी अब उनके व्यक्तिगत पहनावे से आगे निकलकर राजनीतिक संदेश बन चुकी है। दूसरी ओर, भगवंत मान के लिए चुनौती यह है कि भाजपा पंजाब में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए ऐसे चेहरों और मुद्दों को सामने ला रही है, जो प्रदेश की भाषा और संस्कृति से जुड़ाव का दावा करते हैं। मान का हमला भाजपा के इसी राजनीतिक दावे को चुनौती देने की कोशिश है।
