जागरण संवाददाता, पंचकूला : 25 अगस्त 2017 को हिंसा एवं आगजनी के मामले में पंचकूला पुलिस द्वारा डेरा सच्चा सौदा की चेयरपर्सन विपासना की तलाश तेज कर दी गई है। पंचकूला पुलिस आयुक्त चारू बाली ने बताया कि इस मामले में जाच चल रही है और जिनके भी नाम सामने आ रहे हैं, उनसे पूछताछ की जा रही है। विपासना को भी पूछताछ में शामिल होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह फरार चल रही है। दरअसल विपासना के खिलाफ पुलिस ने गिरफ्तारी वारंट भी जारी करवा रखे हैं, लेकिन 15 फरवरी को सिरसा पुलिस ने विपासना को गुपचुप तरीके से नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया था और जब तक पंचकूला पुलिस विपासना को गिरफ्तार करने पहुंचती, उससे पहले ही विपासना गायब हो चुकी थी। फरवरी 2018 के बाद विपासना को पंचकूला पुलिस नहीं ढूंढ़ पाई है। सूत्र बताते हैं कि विपासना को ईडी ने भी दो बार पूछताछ के लिए बुलाया था, परंतु पुलिस एवं खुफिया विभाग को कई खबर नहीं लगी। विपासना की पंचकूला पुलिस को एफआइआर नंबर 345 में तलाश है। यह एफआइआर 28 अगस्त को दर्ज की गई थी, जिसमें पंचकूला में हुई हिंसा का आरोप सुरेंद्र धीमान और डॉ. आदित्य पर लगा था। एफआइआर नंबर 345 में हनीप्रीत के अलावा सुरेंद्र धीमान, गुरमीत, शरणजीत कौर, गोविंद, प्रदीप कुमार, गुरमीत कुमार, दान सिंह, सुखदीप कौर, सीपी अरोड़ा, खरैती लाल, चमकौर, राकेश, दिलावर सिंह भी आरोपित हैं, जिनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश हो चुकी है। हनीप्रीत के खिलाफ बनाए गए हैं 67 गवाह

हनीप्रीत के खिलाफ दाखिल की गई चार्जशीट में कुल 67 गवाह बनाए गए हैं, जिनमें से ज्यादातर पुलिस के लोग हैं। हनीप्रीत और दूसरे आरोपितों के खिलाफ पंचकूला के सेक्टर-5 पुलिस थाने में 27 और 28 अगस्त को आइपीसी की धाराओं 121, 121ए, 216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जिसमें कहा गया है कि आरोपितों ने राम रहीम को छुड़वाने की साजिश रची और हिंसा की। इसमें 32 लोगों की मौत हुई और 200 घायल हो गए थे। फतेहाबाद की महिला बनी है सरकारी गवाह

विपासना के खिलाफ सरकारी गवाह बनने वाली उषा रानी निवासी वार्ड नंबर-6, मंडी कॉलोनी, फतेहाबाद ने बताया था कि उसके पास 19 अगस्त को शाम 4 बजे डेरे से विपासना का फोन आया था कि संगत के साथ गाड़ियों में मिट्टी का तेल, तेजाब भेजना है। जिसके बाद उसने यह मैसेज आगे दे दिया था। उषा न पंचकूला आई थी, न सिरसा गई थी

उषा रानी ने कहा था कि वह 25 अगस्त को न तो सिरसा गई और न ही पंचकूला आई थी। विपासना की गिरफ्तारी के लिए पंचकूला पुलिस ने वारंट ले रखे हैं। 25 अगस्त 2017 को डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के साथ पंचकूला आई गाड़ियों के बारे में डेरे की चेयरपर्सन विपासना ने पंचकूला पुलिस की ओर से मागी गई जानकारिया उपलब्ध करवा दी थी। विपासना ने डेरे की 8 गाड़ियों के बारे में दी थी जानकारी

विपासना ने डेरे से संबंधित 8 गाड़ियों के बारे में सूचना दे दी थी। साथ ही उनके साथ आए लोगों के बारे में भी जानकारी दी है। इन गाड़ियों को कौन चला रहा था, इस बारे में भी विपासना की ओर से डिटेल जवाब पंचकूला पुलिस को थमा दिया गया था। इसके बाद तीन-चार नोटिस दिए गए, लेकिन विपासना पंचकूला पुलिस के समक्ष पेश नहीं हुई थी।

Posted By: Jagran