प्रदूषण की छुट्टी! अब पराली बेचकर पैसे कमा सकेंगे किसान, हरियाणा सरकार ने चुनीं ये इंडस्ट्रीज
किसान अब पराली जलाने के बजाय उसे बेचकर अतिरिक्त आय कमा सकते हैं, जिससे पर्यावरण प्रदूषण भी कम होगा। पानीपत ...और पढ़ें

पराली बेच सकेंगे किसान (फाइल फोटो)
HighLights
किसान पराली बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं
पानीपत में सात उद्योग पराली खरीद रहे हैं
पराली का उपयोग पेलेट, सीबीजी, टेक्सटाइल में
जागरण संवाददाता, पानीपत। धान की पराली जलाकर पर्यावरण प्रदूषित करने के बजाय किसान इसे बेचकर अतिरिक्त आमदनी कर सकते हैं। जिले में सात उद्योग हैं, जो पराली खरीदकर उसका उपयोग अलग-अलग उत्पाद तैयार करने में करते हैं।
कृषि विभाग की ओर से इन उद्योगों की सूची जारी की गई है, जिससे किसान पराली के उचित प्रबंधन के लिए इनसे संपर्क कर सकें। पराली का इस्तेमाल पेलेट बनाने, टेक्सटाइल इंडस्ट्री और कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) उत्पादन में किया जा सकता है।
उप कृषि निदेशक डॉ. बलवंत सिंह ने बताया कि पराली की खपत के लिहाज से रिलायंस बायो एनर्जी लिमिटेड सबसे बड़ा उद्योग है। अटावला गांव में स्थित इस सीबीजी प्लांट में सालाना छह लाख क्विंटल पराली के उपयोग की क्षमता दर्शायी गई है। दाहर गांव स्थित दिव्यांशी एंटरप्राइजेज लिमिटेड में सालाना 1.40 लाख क्विंटल पराली का उपयोग किया जा सकता है। यह पेलेट प्लांट है।
अभिटेक्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड टेक्सटाइल इंडस्ट्री में पराली का उपयोग करता है। इसकी हर साल 1.30 लाख क्विंटल पराली का प्रयोग करने की क्षमता है। वहीं, नौल्था स्थित इनोवेटिव बायोमास साल्यूशन पेलेट प्लांट में एक लाख क्विंटल पराली के उपयोग की क्षमता है। वहीं रिशपुर गांव स्थित अंशुमन बायोप्यूल और गाड़ी छज्जू स्थित गाड़ी छज्जू पेलेट प्लांट में 80-80 हजार क्विंटल पराली के उपयोग की क्षमता बताई गई है।
