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पंचकूला में किशोर ने लगाया था फंदा, सुसाइड नोट से छह महीने बाद खुला राज; चार युवकों पर केस दर्ज

Published: Sat, 26 Sep 2026 07:04 PM (IST)

पंचकूला में अप्रैल में एक किशोर की आत्महत्या के मामले में छह महीने बाद नया मोड़ आया है। सुसाइड नोट ...और पढ़ें

सात अप्रैल को किशोर ने लगा लिया था फंदा। (सांकेतिक फोटो)

सात अप्रैल को किशोर ने लगा लिया था फंदा। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. अप्रैल में किशोर की आत्महत्या के मामले में नया मोड़।

  2. छह महीने बाद सुसाइड नोट से चार युवकों पर केस।

  3. पुलिस अब सुसाइड नोट की एफएसएल जांच में जुटी।

जागरण संवाददाता, पंचकूला। चांदी की चेन को लेकर हुए विवाद के बाद किशोर की आत्महत्या मामले में नया मोड़ आया है। छह महीने बाद सुसाइड नोट से खुले राज के बाद पुलिस ने चार युवकों को नामजद करते हुए आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।

पुलिस के मुताबिक, चंडीमंदिर थाना क्षे सात अप्रैल को किशोर के फंदा लगाकर जान दे दी थी। मौके पर सीन ऑफ क्राइम टीम ने जांच की थी। कमरे से मिली डायरी में सुसाइड नोट था।

किशोर ने परिवार को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं बताया था। इसके बाद चार युवकों के नाम लिखे थे। नोट में दो युवकों की ओर से धमकी देने और मोबाइल फोन अपने पास लेने का भी उल्लेख था।

इसलिए उठाया था खौफनाक कदम

पुलिस जांच में सामने आया कि किशोर ने एक दोस्त से चांदी की चेन यह कहकर ली थी कि उसे पैसों की जरूरत है और बाद में चेन लौटा देगा। आरोप है कि पैसे वापस नहीं करने पर दोस्तों ने चेन या रकम लौटाने और मामले की जानकारी परिवार को देने की बात कही।

इसके बाद किशोर ने मोबाइल फोन दोस्तों को दे दिया और कमरे में जाकर आत्महत्या कर ली थी। पूछताछ में दोस्तों ने बताया था कि मोबाइल सेक्टर-27 स्थित हर्बल पार्क के पास फेंक दिया गया था। पुलिस ने मोबाइल फोन बरामद कर लिया था।

19 सितंबर को पिता ने दी दोबारा शिकायत

उस समय परिजनों ने किसी पर शक नहीं जताया था और कार्रवाई नहीं कराने के बयान दिए थे। सुसाइड नोट में नाम आने वाले युवकों से भी पूछताछ की गई थी। अब 19 सितंबर को किशारे के पिता ने दोबारा शिकायत देकर बेटे की मौत के कारणों की जांच और नामजद युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

जांच अधिकारी रामू स्वामी ने बताया कि सुसाइड नोट को एफएसएल भेजकर लेखन का मिलान कराया जाएगा। आरोपों की पुष्टि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।