पंचकूला में सड़कों की रीकार्पेटिंग अटकी, तारकोल महंगा होने के बहाने ठेकेदार ने रोका काम; लोग परेशान
पंचकूला में तारकोल की कीमतों में ढाई गुना वृद्धि के कारण सड़कों की रीकार्पेटिंग का काम अटक गया है। ठेकेदारों ...और पढ़ें

सड़कों की मरम्मत और रीकार्पेटिंग वर्क रुकने से बढ़ेगी परेशानी। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
तारकोल की कीमत ढाई गुना बढ़ने का दावा।
ठेकेदारों का पुराने रेट पर काम करने से इनकार
नगर निगम के 10 टेंडर अब होंगे संशोधित।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। बारिश का मौसम बीतने के बाद शहरवासियों को सड़कों की मरम्मत और रीकार्पेटिंग शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन तारकोल की बढ़ती कीमतों से काम अटक गया है।
शहर के कई हिस्सों में सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। पुराने टेंडर की दरों पर ठेकेदार काम करने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में नगर निगम के करीब 10 टेंडर दोबारा रिवाइज करने पड़ सकते हैं।
करीब एक साल पहले बिटुमन (तारकोल) का भाव 40 हजार रुपये प्रति मीट्रिक टन था, जो अब बढ़कर लगभग एक लाख रुपये प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। कीमत में ढाई गुना तक उछाल आने से ठेकेदारों के लिए पुरानी दरों पर काम करना मुश्किल हो रहा है। इसका असर सड़कों के निर्माण और मरम्मत पर पड़ रहा है।
पंचकूला के विभिन्न सेक्टरों में कई सड़कों की रीकारपेटिंग होनी है। इनके लिए पहले टेंडर लगाए गए थे, लेकिन बिटुमन के दाम बढ़ने से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा। सड़कों पर बड़े गड्ढों से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए इन रास्तों से गुजरना खास तौर पर जोखिम भरा हो सकता है।
पुराने टेंडर रिवाइज करने या नए सिरे से टेंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया में भी समय लग सकता है। नगर निगम के महापौर श्याम लाल बंसल ने कहा कि वह अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़कों की रीकार्पेटिंग के लिए दोबारा टेंडर लगाने को कहेंगे।
अधिकारियों को मौजूदा लागत और पुराने स्वीकृत रेट के अंतर को देखते हुए आगे की प्रक्रिया तय करनी होगी। निगम के सामने अब टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाकर मरम्मत का काम जल्द शुरू कराने की चुनौती है।
