पंचकूला में सैन्य अधिकारी टारगेट, एक और कर्नल साइबर ठगी के शिकार; साढ़े चार वर्ष में 1402 लोगों को ठगा
पंचकूला में सैन्य अधिकारी साइबर ठगों के निशाने पर हैं। एक सेवानिवृत्त कर्नल 1.72 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई। ...और पढ़ें

साइबर ठगों के साॅफ्ट टारगेट बन रहे सैन्य अधिकारी। (एआई जनरेटेड फोटो)
HighLights
सेवानिवृत्त कर्नल से 1.72 लाख रुपये की ठगी।
डिजिटल अरेस्ट से लेकर फर्जी कूरियर तक हथकंडे।
साढ़े चार साल में 865 केस सॉल्व, 1676 गिरफ्तारी।
अंकेश ठाकुर, पंचकूला। सीमा की रक्षा करने वाले सैन्य अधिकारी साइबर ठगों के अदृश्य जाल को नहीं देख पा रहे हैं। इसी वजह से साइबर ठगों के साॅफ्ट टारगेट बन गए हैं। रविवार को 86 वर्षीय रिटायर्ड कर्नल से 1.72 लाख रुपये की ठगी का एक और मामला सामने आया।
साइबर ठगों ने कर्नल के आरबीएल बैंक क्रेडिट कार्ड से ठगों ने 1.72 लाख रुपये की खरीदारी कर ली। वर्ष 2022 से जून 2026 तक जिले में साइबर अपराध के 1402 मामले दर्ज हुए। इनमें से 865 मामले सुलझाए जा चुके हैं।
यानी औसतन हर दूसरे-तीसरे दिन साइबर ठगी का एक मामला पुलिस तक पहुंचा। इन मामलों में पुलिस ने 1676 आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि 208 मामलों में जांच अभी चल रही है। अहम बात यह हैं कि आम लोगों के साथ-साथ सेना के रि. अधिकारी साइबर ठगों के सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं।
इस तरह बिछाते हैं जाल
कभी बैंक कर्मचारी बनकर क्रेडिट कार्ड बंद होने का डर दिखाया जा रहा है तो कभी गैस मीटर अपडेट करने के नाम पर एप डाउनलोड करवाया जा रहा है। कहीं वाट्सएप हैक कर करोड़ों रुपए ट्रांसफर करवा लिए जाते हैं तो कहीं डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लाखों रुपये ऐंठे जा रहे हैं।
केस-1 : फर्जी बैंक हेल्पलाइन से रिटायर्ड कर्नल को 1.72 लाख की चपत
सेक्टर-25 निवासी 86 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्नल विजय कुमार बेरी को साइबर ठगों ने फर्जी बैंक हेल्पलाइन नंबर के जरिए निशाना बनाया। ठगों ने क्रेडिट कार्ड से अनधिकृत ट्रांजेक्शन होने का डर दिखाया। इसके बाद उन्हें अपने झांसे में लेकर करीब 1.72 लाख रुपये ठग लिए।
केस-2 : गैस मीटर अपडेट करने के बहाने दो लाख उड़ाए
एमडीसी निवासी 91 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्नल को ठगों ने अडानी गैस सेवा का अधिकारी बनकर फोन किया। गैस बिल जनरेट नहीं होने और मीटर रीडिंग अपडेट करने की बात कही गई। इसके बाद मोबाइल पर फर्जी लिंक भेजकर एप डाउनलोड करवाया गया और खाते से करीब दो लाख रुपए निकाल लिए गए।
केस-3 : रिटायर्ड मेजर जनरल की फर्जी फेसबुक आइडी बनाकर ठगी
साइबर ठगों ने रिटायर्ड मेजर जनरल राजन महाजन के नाम से फर्जी फेसबुक आइडी बनाई। इसके बाद उनके परिचितों को मैसेज भेजकर बताया गया कि उनके एक मित्र का तबादला हो गया है और वह लाखों रुपए का फर्नीचर बेहद सस्ते में बेच रहा है। झांसे में आए लोगों से करीब 50 हजार रुपये ठग लिए गए।
केस-4 : वाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर-क्रिप्टो निवेश का झांसा
सेक्टर-20 साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया, जो सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों को वाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार और क्रिप्टोकरेंसी में भारी मुनाफे का लालच देता था। गिरोह ने एक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल से इसी तरीके से 10.58 लाख रुपये ठग लिए थे।
अगस्त में ही कारोबारी से 3.16 करोड़ की ठगी
साइबर ठगों के हौसले का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अगस्त में पंचकूला की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक का वाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया। इसके बाद अकाउंटेंट को संदेश भेजकर अलग-अलग बैंक खातों में 3.16 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए।
हर साल बढ़ता रहा साइबर ठगी का दायरा
| वर्ष | कुल केस | सुलझाए | गिरफ्तारी | जांच केस |
|---|---|---|---|---|
| 2026 | 112 | 30 | 293 | 82 |
| 2025 | 338 | 232 | 465 | 85 |
| 2024 | 315 | 189 | 312 | 23 |
| 2023 | 306 | 201 | 291 | 11 |
| 2022 | 331 | 213 | 315 | 07 |
| कुल | 1402 | 865 | 1676 | 208 |
साइबर ठगी से ऐसे कर सकते हैं बचाव
- निवेश से पहले कंपनी और एप की विश्वसनीयता की जांच करें।
- वाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में मिले निवेश आफर पर जल्द भरोसा न करें और पहले पूरी जांच पड़ताल करें।
- अनजान लिंक या फाइल डाउनलोड न करें, यह साइबर ठगों का जाल हो सकता है।
- किसी के कहने पर रिमोट एक्सेस या स्क्रीन शेयरिंग एप इंस्टाल न करें।
- बैंक, पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर फोन करने वालों को ओटीपी और बैंक संबंधी जानकारी न दें।
- डिजिटल अरेस्ट जैसी धमकी मिलने पर काल काटकर संबंधित विभाग से आधिकारिक नंबर पर संपर्क करें।
- साइबर ठगी होते ही हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दें।
