पंचकूला पुलिस ने बनाया ग्रीन कॉरिडोर; 2 किडनी, 1 लीवर और 2 आंखें हवाई मार्ग से सुरक्षित पहुंचीं दिल्ली
पंचकूला पुलिस ने चंडीमंदिर स्थित कमांड अस्पताल से चंडीगढ़ एयरपोर्ट तक एक ग्रीन कॉरिडोर बनाया। इससे ब्रेन डेड व्यक्ति के ...और पढ़ें

कमांड अस्पताल से चंडीगढ़ एयरपोर्ट तक विशेष ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।
HighLights
आर्मी जवान के ब्रेन डेड पिता के अंगदान को मिली रफ्तार।
चंडीमंदिर कैंट से चंडीगढ़ एयरपोर्ट तक बनाया निर्बाध रास्ता।
पुलिस ने मानवीय कार्य में तत्परता दिखाई, प्रयास की सराहना।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। एक परिवार के दुख को कई जिंदगियों की उम्मीद में बदलने वाले अंगदान के नेक कार्य में पंचकूला पुलिस ने संवेदनशीलता और तत्परता की मिसाल पेश की।
कमांड अस्पताल, चंडीमंदिर कैंट में एक आर्मी जवान के पिता को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद परिवार ने अंगदान की सहमति दी। इसके बाद जीवनरक्षक अंगों को निर्धारित समय में दिल्ली पहुंचाने के लिए पंचकूला पुलिस ने कमांड अस्पताल से चंडीगढ़ एयरपोर्ट तक विशेष ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह ने बताया कि अंगदान की प्रक्रिया में समय का विशेष महत्व होता है। इसी को देखते हुए कमांड अस्पताल चंडीमंदिर से चंडीगढ़ एयरपोर्ट तक एंबुलेंस के लिए निर्बाध यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
एंबुलेंस को कमांड अस्पताल चंडीमंदिर से पुराने पंचकूला होते हुए जीरकपुर बॉर्डर तक ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध कराया गया। इसके बाद हवाई मार्ग से 2 किडनी, 1 लीवर और 2 आंखें दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल तथा आर्मी अस्पताल पहुंचाई गईं।
उन्होंने बताया कि एसएचओ ट्रैफिक वरिंदर कुमार की अगुवाई में ट्रैफिक पुलिस की टीमों ने पूरे मार्ग पर विशेष निगरानी रखी। टीमों ने यह सुनिश्चित किया कि एंबुलेंस को रास्ते में किसी तरह की अनावश्यक रुकावट का सामना न करना पड़े और वह निर्धारित समय में एयरपोर्ट तक पहुंच सके। आगे का मार्ग विभिन्न जिलों से होकर गुजरने के कारण संबंधित जिलों की पुलिस के साथ भी समन्वय किया गया।
पुलिस कमिश्नर ने परिवार के फैसले को सराहा
पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि किसी परिवार के लिए अपने प्रियजन के अंगदान का निर्णय लेना बेहद भावुक और साहसिक कदम है। ऐसे कठिन समय में लिया गया यह निर्णय कई जरूरतमंद लोगों के जीवन में उम्मीद की नई किरण जगा सकता है।
उन्होंने कहा कि पंचकूला पुलिस के लिए यह केवल यातायात व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी नहीं थी, बल्कि मानव जीवन से जुड़े इस नेक कार्य में हरसंभव सहयोग देना उसका कर्तव्य था। ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से जीवनरक्षक अंगों को समय पर गंतव्य तक पहुंचाना पुलिस, चिकित्सा टीम, अस्पताल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के बेहतर समन्वय का परिणाम रहा।
