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पंचकूला में पार्वती जन्मोत्सव पर बेटी के सम्मान की बात, ‘निर्भया और कोलकता रेप कांड’ से सबक का संदेश

Published: Sun, 27 Sep 2026 06:36 PM (IST)

पंचकूला में सेक्टर-16 स्थित अग्रवाल भवन में भगवान शिव कथामृत में पार्वती जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया, जहां नारी सशक्तिकरण ...और पढ़ें

सेक्टर-16 स्थित अग्रवाल भवन में भगवान शिव कथामृत का आयोजन किया जा रहा।

सेक्टर-16 स्थित अग्रवाल भवन में भगवान शिव कथामृत का आयोजन किया जा रहा।

HighLights

  1. शिव कथामृत में माता पार्वती के जन्मोत्सव मनाया।

  2. बेटियों के सम्मान और आत्मदर्शन पर बल दिया।

  3. दुष्कर्म, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न के खिलाफ उठी आवाज।

जागरण संवाददाता, पंचकूला। सेक्टर-16 स्थित अग्रवाल भवन में चल रही भगवान शिव कथामृत में रविवार को माता पार्वती के जन्मोत्सव का धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान नारी सशक्तीकरण से लेकर बेटियों के सम्मान की ज्योत जगाई गई।

कथा वाचक स्वामी डॉ. सर्वेश्वर ने बताया कि महाराज हिमवान व महारानी मैना ने आदिशक्ति जगदंबिका की 27 वर्षों तक आराधना कर उन्हें पुत्री रूप में पाने का वरदान मांगा। उसी वर के फलस्वरुप मां भवानी, पार्वती के रूप में महाराज हिमवान के घर कन्या बन जन्म लेकर आई।

उन्होंने बताया कि यह भारतीय संस्कृति का कितना अद्भुत पक्ष है, जहां पुत्री के जन्म के लिए 27-27 वर्षों की लंबी व घोर तपस्याएं की जाती थीं और आज बेटी के जन्म लेते ही माता-पिता के माथे पर चिंता की रेखाएं खिंच जाती हैं। आज हर दिन नारी शोषण, दुष्कर्म, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न की घटनाओं से समाचार पत्र अटे रहते हैं।

चाहे वो दिल्ली का ‘निर्भया कांड’ हो या ‘कोलकता रेप कांड’, ये सब दर्शाते हैं कि आज का समाज कितना गिर गया है जो नारी को केवल मात्र भोग की वस्तु मानता है। इससे भी अधिक शोचनीय तो यह है कि आज की नारी भी स्वयं की गरिमापूर्ण शक्ति को भूल चुकी है।

आज उसे यह समझना ही होगा कि वह अबला नहीं, सबला है। इसके लिए ज़रूरत है नारी को आत्मदर्शन प्राप्त कर अपने भीतर की सुप्त शक्ति को जाग्रत करने की। बाहरी सौन्दर्य-प्रदर्शन तो छिछला है, नारी का वास्तविक सौन्दर्य तो उसकी आत्मा में समाया है। ब्रह्मज्ञान द्वारा जब उसके भीतर आत्मा का दिव्य ओज पैदा होगा तो उसकी तेजस्विता के सामने सम्पूर्ण विश्व नत हो जाएगा।

हर वासनापूर्ण दृष्टि दग्ध हो स्वाहा हो जाएगी और जगत उसकी पवित्रता को नमन करेगा। स्वामी जी ने बताया कि दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आज ‘संतुलन’ प्रकल्प के अंतर्गत समाज में नारी को आत्मदर्शन की ब्रह्मविद्या प्रदान कर पुनः महिमामंडित पद पर आसीन करने के लिए कटिबद्ध है।

इन्होंने किया यजमान पूजन

सौरव केमिकल्स के एमडी परवीन गोयल, उनकी पत्नी सुनीता गोयल और चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट विभाग के सचिव बीएल शर्मा, उनकी पत्नी कांता शर्मा, राजेश कुमार शर्मा पत्नी अंजू शर्मा एवं अर्पित शर्मा ने विधिवत यजमान पूजन किया।

इन्होंने किया कथा का शुभारंभ

भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एवं पूर्व सांसद सत्यपाल जैन, पंचकूला के मेयर श्याम लाल बंसल, भाजपा के करनाल जिले के प्रभारी दीपक शर्मा, पंजाब के नूरमहल स्थित दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के समन्वयक स्वामी विश्वानंद, पंचकूला से पार्षद परमजीत कौर, पार्थ गुप्ता, पूर्व पार्षद सुशील गर्ग, समाज सेवी प्रदीप गोयल और व्यवसायी अनिल गोयल ने प्रभु की पावन ज्योति को प्रज्वलित करके कथा का शुभारंभ किया।