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    पंचकूला में पुलिस पकड़ रही अवैध खनन, कार्रवाई जुर्माना लगाने तक सीमित, विभाग पर उठ रहे सवाल

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 07:41 PM (IST)

    पंचकूला में अवैध खनन को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है, लेकिन यह केवल जुर्माना लगाने तक ही सीमित है। इस वजह से खनन माफिया पर कोई खास असर नहीं हो रहा है। कार्रवाई की सीमितता के कारण संबंधित विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

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    अवैध खनन में शामिल वाहनों को पुलिस ने पकड़ा। तीन चौकियों की पुलिस ने मिलकर की कार्रवाई।

    आदेश चौधरी, पंचकूला। जिले में अवैध खनन पर पंचकूला पुलिस जीरो टाॅलरेंस की नीति अपना रही है। मगर माइनिंग विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं की जाने के कारण कार्रवाई केवल जुर्माना लगाने तक ही सीमित होकर रह गई है।

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    खनन माफिया की जड़ें इतनी गहरी हो गई हैं कि पुलिस की सख्त कार्रवाई के बावजूद अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार और शनिवार को भी पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 24 घंटे में चार टिप्पर और एक ट्रैक्टर-ट्राॅली को पकड़ा है।

    अगर पिछले पखवाड़े की बात करें तो पुलिस की ओर से 15 से ज्यादा मामले पकड़े जा चुके हैं। औसतन हर रोज पुलिस खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

    खास बात यह है कि कार्रवाई हर बाद पुलिस की ओर से की जाती है और माइनिंग विभाग को सूचित किया जाता है। माइनिंग विभाग पकड़े गए वाहन मालिकों पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई कर खानापूर्ति कर रहा है। खनन माफिया के सरगना कौन हैं इसका पता अभी तक माइनिंग विभाग के अधिकारी पता नहीं लगा पाए हैं।

    बड़े स्तर पर खनन माफिया सक्रिय

    शनिवार को पुलिस ने एक ट्रैक्टर-ट्राॅली को पकड़ा है जो अवैध खनन में संलिप्त था। इसके अलावा इस पखवाड़े के दौरान जितनी भी कार्रवाई हुई हैं, उनमें डंपर या बड़े टिप्पर ट्रक शामिल हैं। इन सभी की कीमत 40 लाख से ज्यादा होती है।

    ऐसे में यह आम लोगों के बस की बात नहीं है। इसको बड़े स्तर पर संचालित किया जा रहा है। मगर इसे कौन चला रहा है, इसके बारे में खनन विभाग पता नहीं लगा पाया है।

    ऐसे होती है कार्रवाई

    अगर पुलिस किसी वाहन को अवैध खनन में संलिप्त पाती है तो वाहन को हिरासत में लेकर माइनिंग विभाग को सूचित किया जाता है। माइनिंग विभाग वाहन पर जुर्माना लगाता है। अगर वाहन मालिक निर्धारित समय में जुर्माना नहीं भरता है तो माइनिंग विभाग की ओर से उसके खिलाफ पुलिस को शिकायत दी जाती है। उसके बाद पुलिस अपनी कार्रवाई करती है।



    हमारी एंटी इलीगल माइनिंग टीमों के साथ-साथ सभी स्थानीय पुलिस इकाई भी पूरी तरह अलर्ट हैं। कैमरा मानिटरिंग, नाकों पर फोर्स की तैनाती और लगातार रात-दिन गश्त के कारण बीते 24 घंटे में 4 टिप्पर और 1 ट्रैक्टर-ट्राली को पकड़ने में सफलता मिली है। किसी भी वाहन को बिना ई-रवाना व निर्धारित दस्तावेजों के जिले से गुजरने नहीं दिया जा रहा। अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
    - शिबास कविराज, पुलिस कमिश्नर, पंचकूला