जागरण संवाददाता, पंचकूला : देश का सबसे बड़ा रावण देखने के लिए इस बार पूरे ट्राईसिटी के अलावा हरियाणा, पंजाब के विभिन्न जगहों से लोग पंचकूला पहुंचेंगे। पंचकूला में पहली बार 215 फुट का रावण जलेगा। इस रावण को बनाने का काम पूरे जोरों पर चल रहा है। रावण के दोनों पैरों की 30-30 फुट की जुतिया बनकर तैयार हो चुकी हैं। साथ ही 60 फुट तलवार भी बन चुकी है। इसके अलावा हाथ और मुकुट भी अंतिम चरण में है। इस दशहरा महोत्सव का आयोजन श्री माता मनसा देवी चैरिटेबल ट्रस्ट, आदर्श रामलीला ड्रामेटिक क्लब पंचकूला और श्रीराम लीला क्लब बराड़ा द्वारा संयुक्त तौर पर किया जा रहा है। पंचकूला में पहली बार पाच दिवसीय दशहरा महोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें सास्कृतिक कार्यक्रम, कवि सम्मेलन एवं पंजाबी कलाकार भी आएंगे। कई साल से अंबाला के बराड़ा में सबसे लंबा रावण का पुतला जलाया जाता है। इसे हर साल 5 फीट ऊंचा कर दिया जाता है। इस बार सेक्टर-5 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के ग्राउंड में रावण का सबसे ऊंचा पुतला जलेगा। इस रावण को खड़ा करने के लिए लोहे का स्टैंड बनाया जा रहा है। इसके अलावा बास से कुछ स्पॉट भी दी जाएगी। इसके लिए कुछ सप्ताह से बराड़ा में काम चल रहा था, लेकिन अब सेक्टर-5 राजहंस सिनेमा के पीछे बनाया जा रहा है। रावण की जूतियों में कई कलर दिए गए हैं। तलवार भी बहुत आकर्षक है। लगभग 100 फुट लंबी तलवार को लोहे और बासों के सहारे बनाया गया है। बराड़ा के तजिंदर चौहान की टीम काम कर रही है। देश का सबसे बड़ा रावण अंबाला के बराड़ा में जलाया जाता था, लेकिन इस बार इस रावण को यहा पंचकूला में जलाया जाएगा। महोत्सव की तैयारियां जोरों पर

श्री माता मनसा देवी चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन विष्णु गोयल, प्रधान सतपाल गर्ग, महासचिव संदीप गुप्ता और आदर्श रामलीला एवं ड्रामेटिक क्लब (रजि.) पंचकूला की क्लब के प्रधान रमेश चढ्डा, वाइस चेयरमैन सुभाष पपनेजा, महासचिव लीलाधर सचदेवा, निर्देशक पवन शर्मा व विजय सक्सेना, वरिष्ठ उपप्रधान ज्ञान सिंह, श्रीराम लीला क्लब बराड़ा के तेजिंद्र चौहान ने इस महोत्सव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। 60 लाख रुपये तक आएगा खर्च

इस महोत्सव के दौरान लगभग 50 से 60 लाख रुपये खर्च होने की संभावना है। आमतौर पर रावण दहन से एक दिन पहले ही पुतलों को मैदान में लाया जाता है। इसके बाद शाम तक उसे पूरी तरह से खड़ा किया जाता है। इस बार ट्राईसिटी के लोगों के लिए रावण के पुतले को एक या दो दिन नहीं, बल्कि पाच दिन पहले ही खड़ा कर दिया जाएगा। पंचकूला के सेक्टर-5 में किया जाएगा श्रृंगार

इसका श्रृंगार और बाकी पंचकूला के सेक्टर-5 में किया जाएगा। इसके लिए आखिरी टच देने वाले कारीगर दशहरे से पहले आएंगे। बाकी कारीगर एक हफ्ते में ही पंचकूला में पहुंच जाएंगे। ट्राईसिटी के लोगों के लिए ये पहला मौका होगा, जब इतना बड़ा रावण दहन होगा। भीड़ भी ज्यादा होगी। इसके लिए एरिया भी ज्यादा चाहिए।

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