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'शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार, बिजली आपूर्ति बाधित की तो खैर नहीं...', पंचकूला कोर्ट की कर्मचारियों को दो टूक

Published: Sun, 25 Oct 2026 04:35 PM (IST)

पंचकूला जिला अदालत ने बिजली आपूर्ति बाधित न करने का आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को ...और पढ़ें

पंचकूला जिला अदालत का आदेश। (सांकेतिक फोटो)

पंचकूला जिला अदालत का आदेश। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. पंचकूला कोर्ट ने बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर सख्त आदेश दिए।

  2. बिजली आपूर्ति बाधित करना जीवन के अधिकार का उल्लंघन माना।

  3. शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति, पर तोड़फोड़ और बाधा बर्दाश्त नहीं।

जागरण संवाददाता, पंचकूला। बिजली कर्मचारियों की 23 अक्टूबर तक चली हड़ताल को देखते हुए पंचकूला जिला अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने बिजली निगमों के कार्यालयों से लेकर सब-स्टेशनों, ट्रांसमिशन लाइनों और ट्रांसफार्मरों तक सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने पर रोक लगा दी है।

कर्मचारियों और उनके संगठनों को तोड़फोड़ करने, अधिकारियों को डराने, कर्मचारियों की आवाजाही रोकने और जानबूझकर बिजली आपूर्ति बाधित करने की अनुमति नहीं होगी। अदालत के अंतरिम आदेश 17 नवंबर तक प्रभावी रहेंगे।

हरियाणा पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड और हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड की ओर से दायर मुकदमों पर सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर कानून व्यवस्था और जनहित को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता।

बिजली आपूर्ति को जीवन के अधिकार से जोड़ा

अदालत ने कहा कि बिजली आधुनिक जीवन की बुनियादी जरूरत है। इसकी आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। बिजली की निर्बाध उपलब्धता संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार से भी जुड़ी है। ऐसे में बिजली उत्पादन और प्रसारण व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने या आपातकालीन मरम्मत कार्य रोकने जैसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

22 से 24 अक्टूबर तक हड़ताल का आह्वान

निगमों ने अदालत को बताया कि कर्मचारी संगठनों ने 22 से 24 अक्टूबर 2026 तक राज्यव्यापी हड़ताल और विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। निगमों ने बिजली उत्पादन और प्रसारण व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने की जरूरत बताते हुए अंतरिम राहत मांगी थी। अदालत ने निगम परिसरों, उपकरणों और बिजली नेटवर्क की सुरक्षा के लिए निर्देश जारी किए। हालांकि, सरकार के प्रयासों से 23 अक्टूबर को ही हड़ताल खत्म हो गई