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परिवार को हुए नुकसान की भरपाई किसी रकम से नहीं की जा सकती, हत्या मामले में पंचकूला कोर्ट की टिप्पणी

Published: Mon, 14 Sep 2026 12:25 PM (IST)

पंचकूला जिला अदालत ने हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई और 52,500 रुपये जुर्माना लगाया है। अदालत ने ...और पढ़ें

जिला अदालत ने 11 साल पुराने हत्या के मामले में सुनाई उम्रकैद की सजा। (सांकेतिक फोटो)

जिला अदालत ने 11 साल पुराने हत्या के मामले में सुनाई उम्रकैद की सजा। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. सोम कुमार हत्याकांड में गुरनाम सिंह को उम्रकैद।

  2. दोषी पर कोर्ट ने 52,500 रुपये का जुर्माना लगाया।

  3. पीड़ित परिवार के लिए अतिरिक्त मुआवजे की सिफारिश।


अंकेश कुमार, पंचकूला। 11 साल पुराने जमीनी विवाद में बिजली कर्मचारी सोम कुमार की हत्या मामले में जिला अदालत ने दोषी गुरनाम सिंह निवासी गांव डिब्बी माजरा को उम्रकैद की सजा सुनाई।

अदालत ने दोषी पर विभिन्न धाराओं में कुल 52,500 रुपए का जुर्माना भी लगाया। सेशंस जज बिक्रमजीत अरोड़ा ने मुआवजे को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि सोम कुमार की मौत से उसके परिवार को हुए नुकसान की भरपाई किसी रकम से नहीं की जा सकती।

वहीं घायल कांता देवी को हुए शारीरिक और मानसिक आघात की भी पूरी भरपाई संभव नहीं है। अदालत ने कहा कि कानून के तहत पीड़ितों को आर्थिक मदद देना जरूरी है। कोर्ट ने माना कि 52,500 रुपए की जुर्माना राशि परिवार के उचित पुनर्वास के लिए पर्याप्त नहीं है।

इसलिए हरियाणा विक्टिम कंपनसेशन स्कीम के तहत मामले को पंचकूला डीएलएसए के पास भेजने की सिफारिश की गई है। डीएलएसए मृतक के पात्र वारिसों और घायल कांता देवी को नियमानुसार उचित मुआवजा तय करेगा।

अनाज मंडी के पीछे मिला था शव

मामला वर्ष 2015 का है। टिब्बी माजरा निवासी सोम कुमार (32) रायपुररानी बिजली बोर्ड में कार्यरत था। जमीनी विवाद के चलते उसकी हत्या कर दी गई थी। छह दिसंबर 2015 को उसका शव रायपुररानी अनाज मंडी के पीछे मिला था। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। वहीं पुलिस ने गुरनाम सिंह और देशराज को गिरफ्तार किया था। हालांकि अदालत ने आरोपित देशराज को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया और गुरनाम सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई।

दोषी ने लगाई सजा में नरमी बरतने की गुहार

सजा सुनाए जाने के दौरान दोषी गुरनाम सिंह ने अदालत से दया और नरमी बरतने की गुहार लगाई। उसने कहा कि वह परिवार का इकलौता कमाने वाला है। परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। वहीं उसकी 95 वर्षीय मां बीमारियों से पीड़ित है और उस पर निर्भर है। वहीं, सरकारी वकील प्रदीप शर्मा ने कहा कि अपराध संगीन है, इसलिए दोषी नरमी का हकदार नहीं है।