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HSVP के केस में मुख्यमंत्री को पक्षकार बनाने पर रोक, चेयरमैन का नाम हटेगा; पंचकूला कोर्ट का फैसला

Published: Sun, 25 Oct 2026 07:12 PM (IST)

पंचकूला कोर्ट ने एचएसवीपी मामलों में मुख्यमंत्री को चेयरमैन के तौर पर व्यक्तिगत पक्षकार बनाने पर रोक लगा दी है। ...और पढ़ें

पंचकूला कोर्ट का फैसला। (सांकेतिक फोटो)

पंचकूला कोर्ट का फैसला। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. संबंधित अधिकारियों को पक्षकार बनाने के दिए निर्देश।

  2. कोर्ट ने 2020 में जारी एकतरफा आदेश को भी किया रद।

  3. दो नवंबर तक संशोधित केस टाइटल दाखिल करने को कहा।

जागरण संवाददाता, पंचकूला। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) से जुड़े मामलों में मुख्यमंत्री को चेयरमैन के तौर पर व्यक्तिगत रूप से पक्षकार बनाने पर पंचकूला कोर्ट ने अहम व्यवस्था दी है।

कर्नल सुरजीत सिंह बनाम एचएसवीपी मामले में अदालत ने चेयरमैन का नाम पक्षकारों की सूची से हटाने और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल करने के आदेश दिए हैं।

अदालत ने स्पष्ट किया कि प्लाट आवंटन, जमीन संबंधी विवादों और प्राधिकरण के प्रशासनिक एवं वैधानिक कार्यों से जुड़े मामलों में चीफ एडमिनिस्ट्रेटर, एडमिनिस्ट्रेटर और एस्टेट ऑफिसर जैसे संबंधित अधिकारियों को पक्षकार बनाया जाना चाहिए।

मामले में 20 नवंबर 2020 को चेयरमैन के खिलाफ जवाब दाखिल नहीं करने पर एकतरफा कार्रवाई का आदेश हुआ था। सुनवाई के दौरान एचएसवीपी की अर्जी और शिकायतकर्ता पक्ष की सहमति के बाद अदालत ने यह आदेश रद कर दिया।

कोर्ट ने प्राधिकरण को मुकदमे की कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति दे दी। अब शिकायतकर्ता पक्ष को 2 नवंबर 2026 तक संशोधित केस टाइटल दाखिल करना होगा। इसके बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी।