बेटी ने पिता को मदद के लिए कनाडा बुलाया, पंचकूला कोर्ट पहुंची फरियाद; भ्रष्टाचार के आरोपित को विदेश की मंजूरी
भ्रष्टाचार के आरोपित टोहाना निवासी राजेश सचदेवा को पंचकूला कोर्ट से कनाडा और कजाकिस्तान जाने की सशर्त अनुमति मिल गई ...और पढ़ें

भ्रष्टाचार के आरोपित को पंचकूला कोर्ट से मिली राहत। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
राजेश सचदेवा के खिलाफ पंचकूलासेक्टर-5 थाने में दर्ज है मामला।
कनाडा में बेटी की ग्रेजुएशन और कजाकिस्तान में बिजनेस मीट।
15 लाख रुपये की सिक्योरिटी पर 25 अक्टूबर तक की मंजूरी।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं के तहत दर्ज मामले के आरोपित टोहाना निवासी 52 वर्षीय राजेश सचदेवा को बेटी के बुलावे पर पंचकूला अदालत से कनाडा और कजाकिस्तान जाने की सशर्त मंजूरी मिल गई है।
यह अनुमति 15 लाख रुपये की सिक्योरिटी और इतनी ही राशि के दो जमानतदारों की शर्त पर दी है। आरोपित को 25 अक्टूबर को अदालत को अपनी वापसी की सूचना देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर उसकी ओर से जमा सिक्योरिटी और जमानत राशि जब्त की जा सकती है।
राजेश सचदेवा पंचकूला के सेक्टर-5 थाने में 21 जून 2018 को दर्ज भ्रष्टाचार मामले में आरोपित है। इस मामले में उसे हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली थी। अदालत ने शर्त लगाई थी कि वह संबंधित अदालत की अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जा सकेगा और पासपोर्ट जमा करना होगा।
इसी शर्त के चलते राजेश सचदेवा ने विदेश जाने की अनुमति के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 17 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट ने उसे संबंधित ट्रायल कोर्ट में पहले आवेदन देने की स्वतंत्रता देते हुए याचिका वापस लेने की अनुमति दी। इसके बाद उसने पंचकूला अदालत में आवेदन किया।
पहले बेटी की ग्रेजुएशन, फिर बिजनेस मीट
आवेदन में बताया गया कि राजेश की बेटी आस्था सचदेवा कनाडा के वैंकूवर में रहती है। उसने 9 सितंबर को पिता को पत्र भेजकर अपनी प्राइवेट पायलट लाइसेंस की ग्रेजुएशन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। इसके साथ ही राजेश को बेटी की भारत वापसी के लिए सामान पैक करने और स्थानांतरण में मदद करनी है।
इसके बाद आरोपित को कजाकिस्तान जाना है। वह अलमाटी में 21 अक्टूबर और अस्ताना में 23 अक्टूबर को होने वाले एग्रीटेक बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) कार्यक्रम में शामिल होगा। राजेश संबंधित कंपनी का निदेशक है।
अभियोजन ने जताई थी वापस नहीं लौटने की आशंका
सरकारी वकील ने विदेश जाने की अनुमति का विरोध किया। उनका तर्क था कि मामले में राजेश सचदेवा समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ चालान पेश किया जाना है और जांच अभी जारी है। ऐसे में आशंका है कि विदेश जाने के बाद आरोपित वापस नहीं लौटेगा।
