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पंचकूला में छह नए एसी ने गर्मी में दिया धोखा, कंपनी-डीलर्स को अब लौटानी होगी ब्याज सहित कीमत

Published: Sat, 05 Sep 2026 05:50 PM (IST)

पंचकूला में सात में से छह नए एसी खराब निकलने पर उपभोक्ता आयोग ने कंपनी और डीलर्स को ब्याज सहित ...और पढ़ें

पंचकूला उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला। (सांकेतिक फोटो)

पंचकूला उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. 16 बार सर्विस के बाद भी समस्या।

  2. जांच में खराब कार्यक्षमता की पुष्टि।

  3. 28 हजार रुपये हर्जाना भी देना होगा।

जागरण संवाददाता, पंचकूला। गर्मी में घर को ठंडा रखने के लिए खरीदे गए सात नए एसी में छह ने परिवार को राहत देने के बजाय परेशानी में डाल दिया। बार-बार खराबी, कंप्रेसर, कूलिंग काइल और सेंसर जैसे महत्वपूर्ण पार्ट बदलने के बावजूद एसी ठीक नहीं हुए।

मामला पंचकूला उपभोक्ता आयोग पहुंचा तो तकनीकी जांच में भी इन एसी की खराब कार्यक्षमता सामने आई। अब आयोग ने निर्माता व डीलरों को छह खराब एसी की खरीद कीमत 1,74,940 रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं।

कंपनी और डीलर्स को शिकायतकर्ताओं को 28 हजार रुपये हर्जाना भी देना होगा। इसमें 3,000 रुपये निरीक्षण शुल्क, 20,000 रुपये मानसिक परेशानी व शारीरिक उत्पीड़न और 5,500 रुपये मुकदमे के खर्च के रूप में देने के आदेश दिए हैं।

छह एसी में आई खराबी, 16 बार करवाई सर्विस

पंचकूला के सेक्टर-17 निवासी समीर मदन, उनकी बहन गरिमा मदन और पूनम ने अक्टूबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच सात वोल्टास इन्वर्टर एसी खरीदे थे। मार्च-अप्रैल 2024 में गर्मी शुरू होते ही सात में से छह एसी में तकनीकी खराबी आने लगी।

शिकायतकर्ताओं ने कुछ ही महीनों में करीब 16 सर्विस रिक्वेस्ट दर्ज कराईं। कंपनी की ओर से कंप्रेसर, कूलिंग काइल और सेंसर समेत कई बड़े पार्ट बदले गए, लेकिन समस्या दूर नहीं हुई।

कंपनी ने आयोग के सामने खराबी को मामूली बताते हुए कहा कि शिकायतों का समय पर समाधान किया गया और स्थानीय परिस्थितियां भी इसका कारण हो सकती हैं। आयोग ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।

आईटीआई की जांच रिपोर्ट बनी निर्णायक सबूत

मामले में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ), बिटना के प्रिंसिपल की ओर से 14 जनवरी 2025 को दी गई तकनीकी रिपोर्ट को आयोग ने महत्वपूर्ण माना। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि कंपनी की ओर से बड़े पार्ट बदलने के बावजूद एसी सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे।

आयोग ने कहा कि महंगे और नए एसी खरीदने वाला उपभोक्ताओं कम से कम एसी की वारंटी अवधि में परेशानी नहीं होनी चाहिए थी। नए एसी में लगातार खराबी आना और बड़े पार्ट बदलने के बाद भी समस्या बरकरार रहना मामूली खराबी नहीं हो सकती।

टावर एसी किराये पर लेकर निकाली गर्मी

खराब एसी से परेशान शिकायतकर्ताओं को गर्मी से बचने के लिए अस्थायी तौर पर टावर एसी किराये पर लेने पड़े। इसके लिए प्रति यूनिट 1,000 रुपये प्रतिदिन तक खर्च करना पड़ा।

आयोग ने माना कि दोषपूर्ण सामान उपलब्ध कराने और समस्या का स्थायी समाधान नहीं करने से उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी और शारीरिक उत्पीड़न भी झेलना पड़ा।