धोखाधड़ी के बाद बैंक के 16.35 करोड़ लौटाए, फिर भी जाएगा एक साल के लिए जेल; पंचकूला सीबीआई कोर्ट का फैसला
16.35 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में दोषी सुशील कुमार गर्ग को एक साल की सजा सुनाई गई है। ...और पढ़ें

पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष मजिस्ट्रेट अदालत ने सुनाया फैसला। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
सुशील कुमार गर्ग को एक साल की सजा सुनाई।
कोर्ट ने 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
सीबीआई ने सजा में नरमी का विरोध किया।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। बैंक धोखाधड़ी मामले में पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष मजिस्ट्रेट अदालत ने दोषी सुशील कुमार गर्ग को एक साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 15 हजार जुर्माना भी लगाया है। दोषी ने मुकदमे के दौरान बैंक की पूरी बकाया राशि 16.35 करोड़ रुपये चुका दी थी।
सुनवाई के दौरान दोषी की ओर से कहा गया कि वह परिवार का इकलौता कमाने वाला है और पहली बार किसी अपराध में दोषी ठहराया गया है। बचाव पक्ष ने बताया कि डीआरटी-2 चंडीगढ़ के 30 दिसंबर 2019 के आदेश के तहत बैंक की पूरी बकाया राशि चुका दी गई है।
ऐसे में सजा में नरमी की अपील की गई। सीबीआई ने सजा में नरमी का विरोध करते हुए कहा कि बैंक से धोखाधड़ी आर्थिक अपराध की श्रेणी में आती है और ऐसे अपराध का असर व्यापक होता है।
कंपनी पर बैंक से धोखाधड़ी का आरोप
सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर के अनुसार मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की करनाल मुख्य शाखा से जुड़ा है। बैंक की शिकायत पर 25 जनवरी 2023 को सीबीआई एसीबी चंडीगढ़ में केस दर्ज किया गया था।
बैंक की शिकायत के मुताबिक कंपनी ने 2013 में क्रेडिट सुविधाएं ली थीं। आरोप है कि कंपनी ने अपनी बिक्री की पूरी रकम बैंक के कैश क्रेडिट खाते में जमा नहीं की। शिकायत के आधार पर मेसर्स देव धन राज एग्री प्रोडक्ट्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रमोटर-डायरेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
