जागरण संवाददाता, पंचकूला : श्री माता मनसा देवी पूजा स्थल परिसर में ओपीडी की सुविधा के साथ डायग्नोस्टिक सेंटर की स्थापना समेत लगभग 45 करोड़ रुपये के विभिन्न नए कार्यो को हरी झंडी मिल गई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में वीरवार को हुई श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड पंचकूला की 18वीं बैठक में लोगों को रियायती दरों पर इलाज की सुविधा मुहैया करवाने के लिए चर्चा हुई। बैठक में सीएम ने योजनाबद्ध तरीके से श्रद्धालुओं को सुविधाएं प्रदान करने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की साथ लगती तथा अप्रयुक्त 10 एकड़ अतिरिक्त भूमि को बोर्ड को हस्तांतरित करने की भी संभावना तलाशने के निर्देश दिए। रियायती दरों पर मिलेंगी सुविधाएं

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द डायग्नोस्टिक सेंटर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चार कनाल और छह मरला भूमि पर बनने वाले इस डायग्नोस्टिक सेंटर में आने वाले लोगों को चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए सेवानिवृत्त डॉक्टरों के अलावा विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों से जुड़े चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जानी चाहिए। यह डायग्नोस्टिक सेंटर माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड द्वारा बनाया, प्रबंधित किया और चलाया जाएगा। सभी आधुनिक और नवीनतम सुविधाओं से लैस होगा। इस डायग्नोस्टिक सेंटर में उपचार और परीक्षण की सुविधाएं रियायती दरों पर प्रदान की जाएंगी। अगले सत्र से शुरू होगी प्रवेश प्रक्रिया

श्रीमाता मनसा देवी पूजा स्थल परिसर में संस्कृत महाविद्यालय के स्थापना कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए मनोहर लाल ने उच्च शिक्षा विभाग को जल्द से जल्द भूमि का कब्जा लेने और भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। श्रीमाता मनसा देवी संस्कृत महाविद्यालय के नाम से बनने वाला यह संस्कृत महाविद्यालय 2.10 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जाएगा। बताया गया कि प्रवेश प्रक्रिया आगामी सत्र से शुरू हो जाएगी और जब तक संस्कृत महाविद्यालय का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक इसकी कक्षाएं श्री माता मनसा देवी धर्मार्थ भंडारा कमेटी के ऊपरी भूतल पर खाली हॉल में शुरू की जाएंगी। चंडीवास मंदिर के लिए शेड को हरी झंडी

मनोहर ने श्रीमाता मनसा देवी पूजा स्थल परिसर में राष्ट्रीय आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान की स्थापना के मुद्दे पर केंद्रीय आयुष मंत्रालय से बात करने के भी निर्देश दिए। इस संस्थान की स्थापना के लिए श्राइन बोर्ड ने आयुष मंत्रालय को अपने परिसर में 20 एकड़ भूमि उपलब्ध करवाई है। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परियोजना की आधारशिला रखी थी जिस पर 278.66 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि खुले दृश्य और दर्शन के लिए मंदिर में दूसरा प्रवेश द्वार भी खोला जाएगा। श्रद्धालुओं की कतारें मंदिर के दाई ओर बनाए गए एक एंट्री शेड के माध्यम से बनाई जाती हैं। इसके अलावा, मोरनी के पास चंडीवास मंदिर में एक शेड के निर्माण का भी निर्णय लिया गया, जिस पर अगले सप्ताह कार्य शुरू हो जाएगा। इसके अलावा, मंदिर की रिटेनिग वॉल या चारदीवारी का भी निर्माण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि काली माता मंदिर, कालका के अपने दौरे के दौरान मनोहर लाल ने चंडीवास मंदिर का भी दौरा किया था, जहां उनसे मंदिर में एक शेड और चारदीवारी के निर्माण के लिए अनुरोध किया गया था। नए कॉरिडोर का निर्माण अक्टूबर तक

बैठक में बताया गया कि मुख्य मनसा देवी मंदिर और पटियाला मंदिर को जोड़ने वाले नए कॉरिडोर का निर्माण कार्य 1.20 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा। इसी तरह लक्ष्मी भवन परिसर के पास वृद्धाश्रम के निर्माण का कार्य 10.49 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से सितंबर, 2021 तक पूरा हो जाएगा। इस पांच मंजिला भवन में 52 व्यक्तियों के रहने की क्षमता होगी। बैठक में कुल 25 एजेंडा आइटम उठाए गए। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा, उपायुक्त मुकेश आहूजा, नगर निगम आयुक्त महावीर सिंह, बोर्ड के सीईओ एमएस यादव भी बैठक में उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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