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हरियाणा में एक अक्टूबर से पुराने वाहनों को नहीं मिलेगा ईंधन, पेट्रोल पंपों पर लगेंगे 2780 ANPR कैमरे

Published: Tue, 15 Sep 2026 11:38 PM (IST)

हरियाणा के एनसीआर शहरों में पेट्रोल पंपों पर ANPR कैमरे लगाए जाएंगे, जो 15 साल से पुराने पेट्रोल और 10 साल से पुराने डीजल वाहनों की पहचान करेंगे।

पेट्रोल पंपों पर नंबर प्लेट पढ़कर पुराने वाहन पकड़ेंगे अत्याधुनिक कैमरे, पहली अक्टूबर से ऐसे वाहनों को नहीं मिलेगा डीजल-पेट्रोल।

पेट्रोल पंपों पर नंबर प्लेट पढ़कर पुराने वाहन पकड़ेंगे अत्याधुनिक कैमरे, पहली अक्टूबर से ऐसे वाहनों को नहीं मिलेगा डीजल-पेट्रोल।

HighLights

  1. एनसीआर में पेट्रोल पंपों पर लगेंगे ANPR कैमरे

  2. 1 अक्टूबर से पुराने वाहनों को नहीं मिलेगा ईंधन

  3. 15 साल पेट्रोल, 10 साल डीजल वाहन होंगे जब्त

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल सभी शहरों में पेट्रोल पंपों पर परिवहन विभाग आटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाने जा रहा है। यह कैमरे वाहन की नंबर प्लेट पढ़कर बता देंगे कि वह कितना पुराना है।

इसके बाद मौके पर ही 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों और दस साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा। पहली अक्टूबर से ऐसे वाहनों को डीजल-पेट्रोल नहीं दिया जाएगा।

परिवहन मंत्री अनिल विज ने बताया कि प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। प्रथम चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में कुल 775 एएनपीआर कैमरे स्थापित किए जाएंगे, जिन पर लगभग 41 करोड़ 74 लाख रुपये खर्च होंगे।

30 सितंबर तक गुरुग्राम में 249, सोनीपत में 215, झज्जर में 195 तथा फरीदाबाद में 116 एएनपीआर कैमरे लगाने का लक्ष्य है। जीवन-अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों की पहचान तथा पर्यावरणीय मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए एएनपीआर कैमरे लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है।

विज ने बताया कि यह कार्य वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। प्रदेश में कुल 2780 एएनपीआर कैमरे लगाए जाने की आवश्यकता है। एक अक्टूबर से हरियाणा में पंजीकृत जीवन-अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों को ईंधन की आपूर्ति नहीं की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य केवल एएनपीआर कैमरे स्थापित करना नहीं है, बल्कि इस तकनीक के माध्यम से पुराने एवं जीवन-अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों की प्रभावी पहचान करना तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित निर्धारित प्रावधानों को लागू करना है।

एएनपीआर तकनीक के माध्यम से वाहनों की पहचान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा तथा एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।