चंडीगढ़, [अनुराग अग्रवाल]। Chautala Family Clash: हरियाणा में चौटाला परिवार का विवाद समाप्‍त नहीं हाे रहा है और चाचा अभय चौटाला व  भतीजों दुष्‍यंत-दिग्विजय चौटाला के बीच राजनीतिक तकरार लगातार बढ़ती जा रही है। इस तकरार को न तो चाचा अभय सिंह चौटाला खत्म होने दे रहे हैं और न ही भतीजे दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला कम कर रहे हैं। चाचा-भतीजों के बीच राजनीतिक दूरियां इस कदर बढ़ गई हैं कि अब सुलह की तमाम संभावनाएं धूमिल हो चुकी। चौटाला परिवार के सदस्यों के बीच बढ़ती इस कड़वाहट का असर ताऊ देवीलाल के पुराने समर्थकों पर पड़ रहा है। ये वे समर्थक हैं, जिन पर चाचा और भतीजे दोनों ही अपना हक जताते आ रहे हैं।

चाचा अभय सिंह ने कहा, वह दिन दूर नहीं, जब जजपा का होगा भाजपा में विलय

चाचा-भतीजों के बीच इस बार तकरार की वजह उनके अपने-अपने राजनीतिक दलों के एक-दूसरे में विलय हो जाने के आरोप लगाने से बने हैं। चाचा-भतीजों के बीच तकरार पंजाब के विधानसभा चुनाव को लेकर शुरू हुई थी, जो एक दूसरे की पार्टियों के विलय के दावों-प्रतिदावों तक पहुंच गई। चाचा अभय सिंह ने आरोप लगाया कि जल्द ही जजपा का भाजपा में विलय हो जाएगा।  

भतीजे दिग्विजय व दुष्‍यंत का जवाब, 2024 से पहले इनेलो का ही हो जाएगा जजपा में विलय

इस पर और भतीजे दिग्विजय ने पलटवार किया कि अगले चुनाव तक इनेलो का ही जजपा में विलय संभव है। इसका समर्थन दुष्‍यंत चौटाला ने भी किया और कहा कि दिग्विजय का कहना है कि 2024 तक इनेलो का जजपा में विलय होगा तो ऐसा ही होगा।  दरअसल तीन दिन पहले एक फोटो वायरल हुआ, जिसमें इनेलो महासचिव अभय चौटाला पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की गाड़ी में बैठे हैं।

इस फोटो को अभय ने इंटरनेट मीडिया पर यह कहते हुए अपलोड किया कि पंजाब के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी शिरोमणि अकाली दल का समर्थन करेगी। जजपा संरक्षक के नाते उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इस फोटो पर चुटकी लेते हुए कहा कि एसवाईएल नहर निर्माण के मसले पर जब शिरोमणि अकाली दल से इनेलो अपना नाता तोड़ चुका है तो फिर समर्थन कैसा। दुष्यंत ने सवाल उठाया कि या तो एसवाईएल नहर की लड़ाई ढकोसला थी या फिर अकाली दल का साथ देने का ऐलान ढकोसला है।

भतीजे की इस तीखी टिप्पणी के बाद दादरी पहुंचे अभय चौटाला ने कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब जजपा का भाजपा में विलय हो जाएगा। देखते रहिए। आप भी यहीं हैं और हम भी यहीं हैं। जजपा को भाजपा के खिलाफ वोट मिले थे और आज वह उसी की गोद में जाकर बैठ गई। छोटे भतीजे जजपा महासचिव दिग्विजय चौटाला को यह बात खासी नागवार गुजरी। दिग्विजय ने ट्वीट कर कहा कि 2024 के चुनाव के दौरान देखना, जब इनेलो का जजपा में विलय हो जाएगा। दिग्विजय के इस ट्वीट के बाद इंटरनेट मीडिया पर चाचा-भतीजों के समर्थकों में वाकयुद्ध छिड़ गया।

दुष्यंत ने किया भाई दिग्विजय का समर्थन

दुष्यंत चौटाला ने अपने भाई दिग्विजय के ट्वीट का समर्थन करते हुए कहा कि लोग हमें भाजपा की बी टीम बताते हैं। स्व. देवीलाल, ओमप्रकाश चौटाला और अजय सिंह चौटाला के समय से हमारी पार्टी का भाजपा के साथ गठबंधन चला आ रहा है। इस बार कोई नई बात नहीं हुई। फिर भी जजपा का भाजपा में विलय कराने वालों को अपनी पार्टी इनेलो की चिंता करनी चाहिए। दिग्विजय ने अगर कहा है कि 2024 तक इनेलो का जजपा में विलय हो जाएगा तो हम इसे कराकर रहेंगे।

कैसे हो पाएगा इनेलो का जजपा में विलय

इनेलो का जजपा में विलय कैसे संभव है? इस सवाल का जवाब जजपा के मीडिया प्रमुख दीपकमल सहारण ने दिया। उनका कहना है कि किसी भी पार्टी को क्षेत्रीय दल के रूप में मान्यता को बरकरार रखने के लिए विधानसभा चुनाव में कम से दम सीटें और छह प्रतिशत वोट तथा लोकसभा चुनाव में एक सीट और छह प्रतिशत वोट हासिल करना जरूरी है। 2019 के चुनाव में इनमें से एक भी जरूरी शर्त पूरी नहीं हो पाई। ऐसे में जब 2024 के चुनाव होंगे तो इस पार्टी की मान्यता खत्म होगी और प्रत्येक सीट पर अलग-अलग उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग चुनाव चिन्ह से काम चलाना पड़ेगा। तब यह भी संभव है कि ऐनक का निशान किसी दूसरे निर्दलीय प्रत्याशी को मिल जाए।

इनेलो ने कहा-  बच्चे हो बच्चों की तरह रहो

इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी ने दुष्यंत और दिग्विजय को यह कहते हुए जवाब दिया कि बच्चे हो तो बच्चों की तरह रहो। इनेलो स्वर्गीय देवीलाल का लगाया हुआ पौधा है, जिसे ओमप्रकाश चौटाला ने दिन रात एक कर अपने खून से सींचा है। यह अब वटवृक्ष बन चुका है। 2024 में हरियाणा प्रदेश की सत्ता की कमान इनेलो के हाथ में होगी और अभय सिंह चौटाला प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे। जजपा में भगदड़ मची हुई है, जिससे दुष्यंत और दिग्विजय बौखला रहे हैं।

Edited By: Sunil Kumar Jha