चंडीगढ़, [अनुराग अग्रवाल]। हरियाणा के प्रमुख विपक्षी दल इनेलो ने अब शहरी लोगों का भरोसा जीतने की कवायद शुरू की है। 8 सितंबर के हरियाणा बंद और 25 सितंबर के पूर्व उप प्रधानमंत्री स्व. देवीलाल के राज्य स्तरीय जयंती समारोह के बहाने इनेलो ने शहरी तबके तक पहुंचने की रणनीति बनाई है। इसके लिए न केवल खुद अभय चौटाला बल्कि पार्टी के प्रमुख नेता भी प्रयास करते दिखाई देंगे।

इनेलो विधायक दल और प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में बनी ग्र्रामीण पार्टी की छवि तोडऩे की रणनीति

इनेलो विधायक दल और प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में खुद अभय चौटाला ने माना कि शहरी मतदाताओं की उम्मीदों पर खरा उतरना सबसे बड़ी चुनौती है। अमूमन, इनेलो को ग्र्रामीण तबके की पार्टी माना जाता है। इनेलो जब-जब सत्ता में रही, तब तब उसके विरोधी दलों ने इस पार्टी को शहरी मतदाताओं के खिलाफ खड़ा करने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने दिया।

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करीब डेढ़ दशक से सत्ता से दूर इनेलो की चाह इस बार प्रदेश की बागडोर संभालने की है। इसके लिए उसने बसपा से राजनीतिक गठजोड़ भी किया है। गठबंधन के बावजूद पार्टी की मंथन बैठकों में यह माना गया कि शहरी मतदाताओं खासकर व्यापारियों का भरोसा जीते बिना उसकी राह आसान नहीं है। इसलिए पूरा फोकस शहरी मतदाताओं व व्यापारियों पर रखा जाना चाहिए।

इनेलो के सभी 18 विधायक भी इस हक में हैैं। पार्टी 8 सितंबर के बंद में अपनी पहली परीक्षा के दौर से गुजरेगी। अभय चौटाला ने इसकी जिम्मेदारी अशोक अरोड़ा समेत पूरी कोर टीम को सौंपी है। अलग से व्यापार सेल को सक्रिय करने का भी निर्णय लिया गया।

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इनेलो व्यापार सेल के पदाधिकारियों को तीन-तीन जिले आवंटित किए गए हैैं। अभय चौटाला और अशोक अरोड़ा खुद 50 स्थानों पर व्यापारियों व शहरी मतदाताओं के घर अथवा प्रतिष्ठानों पर जाकर चाय पीएंगे। इस दौरान हरियाणा बंद के आह्वान के साथ ही 25 सितंबर को गोहाना में मनाए जाने वाले ताऊ देवीलाल के जयंती समारोह का बुलावा भी दिया जाएगा।

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Posted By: Sunil Kumar Jha