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जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अपील पर सुनवाई करते हुए हरियाणा लोक सेवा आयोग व हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले में अनमोल सिंह व अन्य ने डिविजन बेंच के सामने अपील दायर कर कहा है कि हरियाणा लोक सेवा आयोग ने एचसीएस व अलाइड सेवा के लिए चयन परीक्षा का आयोजन किया था, जिसमें 5 पद स्पोर्टस कोटे के आरक्षित थे।

एचपीएससी ने 31 मार्च 2019 को भर्ती परीक्षा का आयोजन किया। खेल कोटे के तहत इन पांच पदों के लिए वही खिलाड़ी आवेदन कर सकते थे, जिनके पास प्रदेश के नई खेल पॉलिसी के तहत ए ग्रेड प्रमाण पत्र हो, लेकिन उनको यह देखकर हैरानी हुई कि जब आयोग ने प्रारंभिक परीक्षा का प्रमाण घोषित किया तो उसमें 60 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए योग्य करार दिया गया।

याचिकाकर्ता ने अपनी अपील में कोर्ट को बताया कि उसने सूचना का अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी। जिसमें पता चला की 2014 से मार्च 2019 के तक पूरे प्रदेश में सिर्फ 13 खिलाड़ी हैं जिनके पास ए ग्रेड का प्रमाण पत्र है। याची का कहना है कि इन 13 लोगों में से कुछ स्नातक नहीं होने के चलते इस परीक्षा को देने के योग्य नहींं थे । याचिका में कोर्ट को बताया गया कि जब राज्य में 13 से भी कम लोग ही इन पद पर आवेदन करने के योग्य है तो फिर 60 लोगों ने उक्त परीक्षा को कैसे पास कर लिया है?

याची ने कोर्ट को बताया कि इस बाबत उसने राज्य लोक सेवा आयोग को भी कई स्तर पर शिकायत की थी, लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। इसके लेकर उसने एकल बेंच में भी याचिका दायर की थी, लेकिन एकल बेंच ने उसकी याचिका के सभी तथ्यों पर सही गौर नहीं किया और उसकी याचिका खारिज कर दी, इसलिए अब याची ने डिविजन बैंच में अपील दायर कर इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित निर्देश देने की मांग की है। याची का पक्ष सुनने के बाद चीफ जस्टिस पर आधारित डिविजन बेंच ने हरियाणा सरकार प राज्य लोक सेवा आयोग को 12 सितंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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