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चंडीगढ़, जेएनएन। सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को किताबें नहीं मिलने की शिकायत नए शैक्षिक सत्र में नहीं रहेगी। नई कक्षा में दाखिले के पहले दिन ही उन्हें सभी किताबें मिल जाएंगी। इसके अलावा नौवीं के छात्रों को ङ्क्षहदी में गणित और विज्ञान पढऩे का मौका मिलेगा। वहीं, 800 प्राथमिक स्कूलों को बैग-फ्री किया जा रहा है। इससे यहां पढ़ रहे शुरुआती कक्षाओं के बच्चों को बस्तों के बोझ से निजात मिलेगी।

शिक्षा विभाग ने स्कूलों में मुफ्त दी जाने वाली पुस्तकों को भेजना का सिलसिला शुरू कर दिया। एक अप्रैल से यह किताबें बच्चों को दी जाएंगी। पहली बार स्कूलों में तैनात कर्मचारियों की ई-सर्विस बुक तैयार कराई जा रही है। मई से पेपर सर्विस-बुक नहीं रहेगी।

स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और सेकेंडरी शिक्षा विभाग के महानिदेशक डाॅ. राकेश गुप्ता ने वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग से जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों व जिला कार्यक्रम समन्वयकों से फीडबैक लेते हुए उन्हें दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस बार प्रकाशक खुद स्कूलों में पुस्तकें भेजेंगे। पुस्तकें प्राप्त करने के लिए स्कूलों के मुखिया को शाम सात बजे तक स्कूल खुला रखने को कहा गया है।

डॉ. गुप्ता ने स्कूल शिक्षा विभाग के जिलास्तर के सभी अधिकारियों को सर्विस बुक से संबंधित जानकारी एमआइएस पोर्टल पर अपडेट करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सर्विस-बुक ऑनलाइन होने से अध्यापकों और अन्य कर्मचारियों को भी फायदा होगा। इससे जहां उन्हें सर्विस बुक के चोरी और गुम होने का डर नहीं रहेगा, वहीं वे कभी भी अपना डाटा देख सकेंगे। इसके अलावा उनका डाटा ऑनलाइन होने से उनके अवकाश, लोन, जीपीएफ समेत अन्य मामलों में पारदर्शिता आएगी।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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