जागरण संवाददाता, पंचकूला : पंचकूला विजिन कमेटी ने शहर की विशिष्ट छवि बनाने का खाका तैयार कर लिया गया है। कमेटी ने इसके लिए शहर को खेल और पर्यटन हब के तौर पर विकसित करने का सुझाव दिया है। साथ ही मोरनी क्षेत्र के कुदरती सौंदर्य का समुचित विकास कर जिले को पर्यटन के तौर पर विकसित किया जाएगा।

विधानसभा सचिवालय में विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में इस संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। पंचकूला की विशिष्ट पहचान को दर्शाने वाला 'लोगो' भी बनाया जाएगा। यह 'लोगो' एक लाख रुपये के पुरस्कार राशि वाली प्रतियोगिता के माध्यम से बनेगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि गत कुछ वर्षो से पंचकूला में केंद्र और राज्य सरकार की बड़ी परियोजनाओं ने दस्तक दी है। गत दिनों यहां आयोजित राष्ट्रीय स्तर के खेलो इंडिया कार्यक्रम के निमित्त बड़े स्तर पर खेल सुविधाएं विकसित हुई हैं। शहर और क्षेत्र के विकास में इन खेल सुविधाओं का बड़ा योगदान रहने वाला है।

इसी प्रकार पंचकूला जिले का बड़ा हिस्सा शिवालिक की पहाड़ियों से घिरा हुआ है। इन पहाड़ियों के चलते मोरनी क्षेत्र की विशिष्ट पहचान है। जिले में पर्यटन के विकास में इस कुदरती सौंदर्य का समुचित प्रयोग किया जाएगा। जिले में विकसित हो रही बड़ी विकास परियोजनाओं के चलते इस क्षेत्र की विशिष्ट पहचान बनने लगी है। ऐसे में स्थानीय लोगों का दायित्व कहीं ज्यादा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि शहर को अतिक्रमण, स्लम, स्ट्रे कैटल, स्ट्रीट डॉग, ड्रग, प्रदूषण, प्लास्टिक से मुक्त करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस अभियान में आम नागरिकों की भूमिका भी सराहनीय है।

योजना के तहत शहर के विकास के लिए जहां प्रशासनिक स्तर पर प्रयास हो रहे हैं, वहीं शहर के सामाजिक संगठन, शिक्षण संस्थान, विद्यार्थी और उद्योगपति भी योगदान दे रहे हैं। पंचकूला डेवलपमेंट एडवाइजरी कमेटी में शिक्षा, चिकित्सा, खेल, कला, बागवानी, उद्योग, अभियांत्रिकी और प्रशासनिक सेवाओं का व्यापक अनुभव रखने वाले विषय विशेषज्ञ शामिल हैं।

इस कमेटी के तहत गठित पंचकूला विजिन कमेटी शहर के भविष्य पर चितन कर रही है। पूर्व आइएएस अधिकारी विवेक अत्रे की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी में जनरल केजे सिंह, एसके चड्ढा, सतीश नरूला, सुनैनी शर्मा, डा. प्रदीप अग्रवाल और मनु भंडारी शामिल हैं।

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