यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हनीप्रीत की मिस्ट्री डायरी में गुरमीत के मददगार नेताओं और अफसरों के नाम
हनीप्रीत ने पुलिस रिमांड के दौरान डेरा और गुरमीत राम रहीम के कई राज से पर्दा उठाया है। हनीप्रीत की ...और पढ़ें

चंडीगढ़, [अनुराग अग्रवाल]। डेरा सच्चा साैदा की गोद ली बेटी हनीप्रीत द्वारा रिमांड के दौरान पुलिस के समक्ष कई बड़े व सनसनीखेज खुलासे करने की सूचनाएं हैं। बताया जाता है कि हनीप्रीत ने बताया कि उसकी डायरी में कई नेताअों, अफसरों और रसूखदार लाेगाें के नाम हैं जो गुरमीत राम रहीम के मददगार था। सीबीआइ कोर्ट पंचकूला में पेशी से पहले डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने हनीप्रीत को कई बड़े नेताओं, अफसरों और लोगों के नंबर उसकी सीक्रेट डायरी में नोट कराए थे। पुलिस के लिए यह डायरी अब तक मिस्ट्री साबित हुई है और वह इसे अब तक बरामद कर पाई है।
डेरा प्रमुख ने सीबीआइ कोर्ट में पेशी से पहले हनीप्रीत को दे दी थी तमाम जानकारी
हनीप्रीत से पूछताछ और अब तक की पुलिस जांच में हुआ है कि इस डायरी में गुरमीत राम रहीम के भी कई राज छिपे हैैं। हनीप्रीत ने विदेश में बैठे डेरा सच्चा सौदा के कट्टर अनुयायियों के फोन नंबर सहित तमाम जानकारी इस डायरी में दर्ज कर रखी है, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जाता।
बताया जाता है कि गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के फैसले के बाद पंचकूला हिंसा के लिए जिस पैसे का लेनदेन हुआ, वह डेरा सच्चा सौदा का ब्लैक मनी था। हिंसा के लिए करीब सवा करोड़ रुपये के लेनदेन का आरोप है, जिसे हनीप्रीत के कहने पर पंचकूला भेजा गया था। हनीप्रीत ने पुलिस रिमांड के दौरान इस डायरी के बारे में कई जानकारियां दी हैैं, मगर पुलिस उससे यह नहीं जान पाई कि यह डायरी कहां छिपाई गई है।
बताया जाता है कि हनीप्रीत की डायरी में ब्लैक मनी को व्हाइट करने में मददगार लोगों के नाम और दस्तावेजों की जानकारी भी दर्ज है। पैसे का इस्तेमाल कैसे और कहां किया गया, इसकी जानकारी भी इसी में है। बाबा ने कई बड़े वकीलों के नंबर भी हनीप्रीत को नोट करवा दिए थे। बाबा को भरोसा था कि वह बच जाएगा, लेकिन अगर कुछ गड़बड़ हो भी गई तो पीछे से हनीप्रीत सब कुछ संभाल लेगी। विपरीत स्थिति में डेरामुखी कहां-कहां छिप सकते हैं, इसके संकेत भी डायरी में दिए गए हैैं।
बाबा को यह कतई अंदेशा नहीं था कि हनीप्रीत भी देर सबेर पुलिस के शिकंजे में फंस सकती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पंचकूला हिंसा करने वाले मुख्य लोगों के नाम भी इसी डायरी में दर्ज हैं।
राम रहीम का था विदेश में भगाने का प्लान
बताया जाता है कि हनीप्रीत ने हरियाणा पुलिस की जांच के दौरान यह खुलासा किया है कि 25 अगस्त को राम रहीम को पुलिस से छुड़वाने के लिए बड़ी साजिश रची गई थी। साजिश के मुताबिक गुरमीत को छुड़वाकर विदेश ले जाने की तैयारी थी। राम रहीम को उम्मीद थी कि सुरक्षाकर्मी उसे पुलिस की गिरफ्त से छुड़वा लेंगे। फिर उसे सिरसा डेरा मुख्यालय या किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया जाएगा। वहां से हनीप्रीत ने उसे विदेश भगाने का पूरा बंदोबस्त किया हुआ था। हनीप्रीत विदेश में बैठे बाबा के करीबियों के संपर्क में थी। हनीप्रीत पर तीन विदेशी सिम कार्ड भी इस्तेमाल करने के आरोप हैै।
जेड प्लस सिक्योरिटी में राजस्थान निकली थी हनीप्रीत
हरियाणा पुलिस की जांच में पता चला है कि हनीप्रीत 25 अगस्त की रात लगभग दो बजे सिरसा पहुंची थी और 28 अगस्त की रात पंजाब के एक कांग्रेस नेता की जेड प्लस सिक्योरिटी की आड़ में दो बड़े सूटकेस लेकर डेरा सच्चा सौदा से राजस्थान की ओर चली गई थी। उसके साथ राम रहीम का परिवार भी काले शीशे वाली गाडिय़ों में सवार होकर निकला था।
