फोटो सहित जागरण संवाददाता, पंचकूला : नगर निगम पंचकूला की ओर से गीले कूड़े से खाद बनाने के लिए शहर में पांच स्थानों पर मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफ) की स्थापना की गई है। शहर से सोमवार को लगभग 33 क्विंटल गीला कूड़ा निकला, जिसे एमआरएफ सेंटर में बनी किट में डाल दिया गया और 30 दिन के बाद खाद बनकर तैयार हो जाएगी। सूखा कूड़ा गारबेज कलेक्शन वाले बेचने के लिए ले जाते हैं, जबकि नगर निगम द्वारा अब गीले कूड़े से खाद तैयार की जाएगी। यह खाद गारबेज कलेक्टरों के सेल्फ हेल्प ग्रुप की ओर से तैयार की जाएगी। नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह ने एमआरएफ सेंटरों का दौरा किया और खाद बनाने के लिए किए गए इंतजामों का जायजा लिया। दरअसल रविवार से शहर में सूखा, गीला और खतरनाक कूड़ा लोग अलग करके देने लगे हैं। 33 क्विंटल गीला कूड़ा तीन वार्ड छोड़कर निकला है। नगर निगम की ओर से सेक्टर-12, औद्योगिक क्षेत्र फेस एक, एमडीसी सेक्टर-4 और डंपिग ग्राउंड में एमआरएफ सेंटर बनाए गए हैं, जबकि सेक्टर-21 में बागवानी बेस्ट के लिए एमआरएफ सेंटर बनाया गया है। पहले दिन गीला कूड़ा तोला गया, तो वह लगभग 33 क्विटल निकला। अब निगम खाद तैयार होने के बाद इसे पांच-पांच किलो, 10-10 किलो के पैकेटों में लोगों को बेचेगा। सेल्फ हैल्प ग्रुप के तहत डंप साइट पर 10 लोगों की टीम बनाई है, कूड़े से खाद बना रही है। एक महीने बाद तैयार हो जाएगी। आज पांच पिकअप कूड़े की भरकर आई थी। जोकि एक ही किट में समा गई। एक किट में तीन टन माल आ सकता है। डंपिंग ग्राउंड का किया दौरा

ईओ जरनैल सिंह ने बताया शहर में 250 पार्को में पार्क डेवलपमेंट सोसायटी बनी है, जिन्हें भी यह खाद बेची जाएगी। नगर निगम के प्रशासक राजेश जोगपाल और कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह ने सोमवार को डंपिग ग्राउंड का दौरा किया और पूरी प्रक्रिया का जायजा लिया। इओ जरनैल सिंह ने बताया कि अब तक कचरे से केवल तीन वार्डों से निकलने वाले गीले कूड़े से खाद तैयार हो रही थी, परंतु अब पूरे शहर के गीले कूड़े से खाद तैयार हो गई। फल और सब्जियों से तैयार होगी शुद्ध खाद

अब नगर निगम ने गीले कचरे से निर्मित जैविक खाद की बिक्री शुरू कर देगा। ईओ ने दावा किया कि यह बिल्कुल शुद्ध खाद होगी, क्योंकि फल और सब्जियों से तैयार होगी। बॉक्सजरनैल सिंह ने बता कि कंपोस्टिग एक ऐसी प्रक्रिया है, जो जैविक पदार्थों के प्राकृतिक क्षय पर काम करती है। इस केंद्रित अपघटन प्रक्रिया का अंतिम उत्पाद पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी है, जो फसलों, बगीचे के पौधों और पेड़ों को बढऩे में मदद कर सकता है। आरडब्ल्यूए, पार्कों और सब्जी मंडियों से आने वाले मिश्रित कचरे से निपटने के लिए पंचकूला नगर निगम ने गारबेज कलेक्टरों के सेल्फ हेल्प ग्रुप से तालमेल करके पांच मैटीरियल रिकवरी सेंटर स्थापित किये हैं, जहां पर पूरे शहर से गीला बेस्ट पहुंचाया जाएगा। जिसके बाद उसे खाद में परिवर्तित करने के लिए काम किया जा रहा है। कम कार्बन फुटप्रिंट होगा

अब सेक्टर-23 में डंपिग साइट तक गीला कूचरा पहुंचेगा, जबकि सूखा कचरा अलग होगा, जिसे कलेक्टर अपने साथ ले जाएंगे। 12 रैग पिकर के समूह के लिए पैसा और रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि कम प्रदूषण, कोई लीकेज नहीं, कचरे का जलना बंद, कम कार्बन फुटप्रिट होगा।

Posted By: Jagran

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