जेएनएन, चंडीगढ़। नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) के बजाय वर्ष 2004 से पहले की नीति से पेंशन मांग रहे कर्मचारियों को सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा का साथ मिला है। कांग्रेस सांसद ने वीरवार को लोकसभा में शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए नई पेंशन स्कीम के नुकसान गिनाए। साथ ही पुरानी पेंशन स्कीम की वकालत करते हुए कर्मचारियों के वेतन से काटी गई राशि को उनके भविष्य निधि खाते (जीपीएफ) में जमा कराने की मांग की।

नई दिल्ली में संसद मार्ग पर धरने पर बैठे हरियाणा के कर्मचारियों को सांसद ने उनका मुद्दा संसद में उठाने का आश्वासन दिया था। अपने वादे को पूरा करते हुए सदन में दीपेंद्र ने कहा कि सन् 2004 में तत्कालीन एनडीए सरकार द्वारा लागू की गई पेंशन नीति को लेकर कर्मचारियों में असंतोष है।

नई पेंशन नीति में कर्मचारियों को जरूरत पडऩे पर धन निकालने का प्रावधान नहीं है, जिससे उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सांसद ने कहा कि पुरानी पेंशन स्कीम को लागू कराने के लिए पूरे देश के सरकारी कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं जिनकी आवाज को सरकार नजरअंदाज नहीं कर सकती। सांसद ने कहा कि मामले को केंद्र सरकार प्राथमिकता पर ले।

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Posted By: Kamlesh Bhatt