संवाद सहयोगी, मोरनी : मोरनी में सामूहिक दुष्कर्म की वारदात के बाद क्षेत्र के गेस्ट हाउसेज और रिसो‌र्ट्स पर सवालिया निशान लग गए थे। पुलिस व जिला प्रशासन पर अवैध गेस्ट हाउस और उनमें चल रही असामाजिक गतिविधियों को बंद करने का दबाव बढ़ गया था। इसी कड़ी में जिला प्रशासन की मंजूरी के बिना बनाए गए गेस्ट हाउसेज संचालकों पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई मामले दर्ज किए। पुलिस द्वारा मंगलवार शाम तक कुल आठ गेस्ट हाउसेज के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं, पुलिस ने आने वाले दिनों में भी इस प्रकार की कार्रवाई करने के साफ संकेत दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जिस भी होटल या गेस्ट हाउस संचालक के पास इनको चलाने की सरकारी मंजूरी मिलेगी, पुलिस केवल उसी गेस्ट हाउस को चलने देगी। पुलिस की इस कार्रवाई ने इलाके के गेस्ट हाउस संचालकों को साफ संकेत दिए हैं कि गलत काम बंद करने होंगे। पुलिस के पास है पूरा लेखा-जोखा

मंगलवार को अधिकतर होटल, गेस्ट हाउस बंद रहे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस के खुफिया विभाग के पास मोरनी में चल रहे उन सभी गेस्ट हाउसेज की लिस्ट है, जो क्षेत्र में असामाजिक व अवैध गतिविधियों में संलिप्त हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मोरनी, थापली, कैंबवाला मे कार्रवाई की गई है। डीसीपी बोले : गलत काम बर्दाश्त नहीं

डीसीपी राजेन्द्र कुमार मीणा ने बताया कि अवैध गतिविधियां संचालित न करने के बारे में नोटिस दिया गया था। उसके उपरांत 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। भविष्य में भी ऐसी गतिविधियां संज्ञान में आने पर पंचकूला पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। होटल संचालकों में रोष

वहीं, पुलिस कार्रवाई का कुछ होटल संचालकों ने विरोध किया है। संचालकों ने कहा कि पुलिस बेशक अवैध गतिविधियों में संलिप्त गेस्ट हाउसेज संचालकों पर कार्रवाई करे, लेकिन नियमों के तहत चल रहे हाउसेज पर कार्रवाई नहीं की जाए।

Posted By: Jagran