जागरण संवाददाता, पंचकूला : शहर की स्वच्छता और विकास के लिए एक खाका तैयार किया गया है। शहर की स्वच्छता योजना के तकनीकी और गैर-तकनीकी पहलुओं को जानने के लिए नगर निगम पंचकूला की ओर से एक सर्वे करवाया गया है, जिसमें आने वाले लगभग 30 साल की मूलभूत सुविधाओं पर फोकस किया गया। लोगों को आने वाले समय में किन सुविधाओं की जरूरत है और स्वच्छता के लिए क्या कदम उठाने होंगे, इसपर डाटा तैयार किया है। सेनिटेशन स्वास्थ्य और इसके कारण स्थायी सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। नगर निगम पंचकूला ने सिटी सेनिटेशन प्लान बनाने का फैसला किया। जिसके तहत हरियाणा नव युवक कला संगम (एचएनवाईकेएस) एनजीओ द्वारा सर्वे प्रक्रिया की गई। यह शहर स्वच्छता योजना के मामले में हरियाणा रोहतक के बाद दूसरे स्थान पर है। यहां तक कि चंडीगढ़, अंबाला, यमुनानगर जैसे शहरों में भी स्वच्छता की कोई योजना नहीं है। नगर निगम के अधिकारियों की संबंधित विभागों और सर्वे टीम के साथ नियमित बैठकें हुई। नगर निगम के प्रशासक राजेश जोगपाल ने बताया कि लोगों को आने वाले 30 सालों में किन सुविधाओं की जरुरत है, इस पर खाका तैयार किया जा रहा है। शौचालय की व्यवस्था पर रहेगा फोकस

शौचालय की व्यवस्था, पानी की आपूर्ति, स्ट्रोम वाटर मैनेजमेंट, वेस्ट वाटर मैनेजमेंट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, शौचालय का उपयोग, सामुदायिक शौचालयों, मोबाइल शौचालयों और सार्वजनिक शौचालयों की मैपिग के माध्यम से कवर किया जाएगा। इन शौचालयों में दी जाने वाली सुविधाओं से संबंधित समस्याओं और अंतराल की पहचान भी इस योजना में शामिल हो। भूजल की जांची जाएगी गुणवत्ता

जलापूर्ति के लिए पानी का मौजूदा स्त्रोत यानी सतही जल और भूजल को कवर किया जाएगा। भूजल की गुणवत्ता भी जांची जाएगी। सीएसपी और जल आपूर्ति नेटवर्क मानचित्र के तहत सेवित और अनारक्षित क्षेत्र की पहचान की जाएगी। मौजूदा और भविष्य की मांग के लिए भी प्लान तैयार किया जा रहा है। जल उपचार संयंत्रों के लिए प्रस्ताव और स्थान का नक्शा भी तैयार किया जाएगा। भूजल संबंधी मुद्दों की भी पहचान की जाएगी। वर्षा जल संचयन जैसी नई अवधारणाओं को भी पेश किया जाएगा। मैप किया जाएगा तैयार

हरियाणा नव युवक कला संगम एनजीओ के प्रवीण चौधरी के मुताबिक सर्वे के दौरान संबंधित विभागों से विषय की योजनाओं पर चर्चा हुई है। पानी भरने वाले स्थानों और डिस्चार्ज बिदुओं का मैप तैयार किया जाएगा। घरों, उद्योगों और वाणिज्यिक क्षेत्रों में वेस्ट वाटर का ट्रीटमेंट करने, उपचार संयंत्रों की भविष्य में आवश्यकता पर चर्चा हुई है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए विचार विमर्श किया गया है। वार्ड वाइज वेस्ट की पहचान सर्वे में सैंपलों के माध्यम से की गई है। विभिन्न वार्डो और घरों से उत्पन्न विभिन्न प्रकार के कचरे, उपयोग किए गए वाहनों की संख्या और कचरे के भंडारण की पहचान की गई है और कलेक्शन करने वाले वाहनों के रूट मैप बनाए गए हैं।

Posted By: Jagran

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