चंडीगढ़, [अनुराग अग्रवाल]। ' वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ:, निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।' भगवान गणपति की आराधना वाले इस श्लोक के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ष 2021-22 का बजट पेश करते हुए हर वर्ग की खुशहाली के रास्ते खोले। कोरोना महामारी के विश्वव्यापी संकट के बावजूद भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार के इस बजट में सभी वर्गों का पूरा ख्याल रखा गया। पिछले साल की तुलना में सरकार ने इस बार के बजट में करीब 13 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ ढांचागत विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने की मजबूत रूपरेखा तैयार की। आशंका जताई जा रही थी कि कोरोना काल में जिस तरह राज्य की अर्थव्यवस्था पटरी से उतरी, उसका असर बजट पर दिखाई देगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

सभी वर्गों का रखा ध्‍यान, कोरोना काल के नुकसान का बजट पर नहीं दिखा असर

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कर रहित और मात्र तीन फीसदी राजकोषीय घाटे की संभावना वाला बजट पेश कर घोषणाओं का पिटारा खोल दिया। वित्तमंत्री के नाते मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधानसभा में टैब के जरिये बजट पेश किया। इस बजट में फागुन के हर रंग नजर आए। बिगड़ी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का विजन दिखा तो सरकार ने एक जैसी कई परियोजनाओं का आपस में समायोजन कर उन्हें पूरा करने के लिए दीर्घकालीन योजनाएं तैयार की।

पटरी से उतरी अर्थ व्‍यवस्‍था को ट्रैक पर लाने का विजन दिखा बजट में

मुख्यमंत्री ने पिछले साल 1 लाख 42 हजार 345 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, लेकिन संशोधित अनुमानों के आधार पर 1 लाख 37 हजार 738 करोड़ रुपये ही खर्च हो पाए। बाकी राशि खर्च नहीं हुई। यूं भी कह सकते हैं कि खर्च नहीं हुआ तो कोरोना की वजह से राजस्व आया भी नहीं। लिहाजा इस बार का 1 लाख 55 हजार 645 करोड़ रुपये का बजट पिछले साल की अपेक्षा 13 फीसदी ज्यादा है। इस बार के बजट परिव्यय में 25 फीसद 38 हजार 718 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च है, जबकि 75 फीसद यानी 1 लाख 16 हजार 927 करोड़ रुपये का राजस्व खर्च शामिल है। 45 हजार 66 करोड़ रुपये की राशि राज्य में पहले से क्रियान्वित की जा रही योजनाओं को पूरा करने पर खर्च होंगे।

 बजट में स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं पर रहा विशेष फोकस

भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार के इस बजट में पूरा फोकस स्वास्थ्य सेवाओं पर रखा गया है। पांच लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों को अनुपातिक आधार पर आयुष्मान योजना का लाभ इस बजट में दिया गया है। इसके अलावा कृषि क्षेत्रों में सुधार तथा उसके आधारभूत ढांचे में निवेश के लिए कई परियोजनाएं लाई गई हैं। हरियाणा सरकार अपने राजकोषीय घाटे को राज्य सकल घरेलू उत्पाद के तीन प्रतिशत के भीतर रखने में सफल रही है।

केंद्र सरकार ने वर्ष 2021-21 के लिए राजकोषीय घाटे की सीमाको राज्य सकल घरेलू उत्पाद के तीन प्रतिशत से बढ़ाकर पांच प्रतिशत कर दिया था। प्रदेश सरकार 40 हजार 661 करोड़ रुपये का ऋण इस सीमा के तहत ले सकती थी, मगर उसने इस साल 30 हजार करोड़ रुपये के ऋण से ही काम चला लिया। ऐसे में राजकोषीय घाटा तीन प्रतिशत से भी कम रहने की उम्मीद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जताई है।

राहुकाल खत्म होने पर पेश किया बजट

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ज्योतिष पर यकीन रखते हैं। शुक्रवार को सुबह साढ़े दस बजे से 12 बजे तक राहु काल दर्शाया गया था। मुख्यमंत्री ने राहु काल के बाद 12 बजकर 2 मिनट पर अपना बजट भाषण पढ़ना पेश किया।

आंकड़ों में जानिये मनो‍हर का बजट-

  • - एक लाख 55 हजार 645 करोड़ रुपये का बजट जो पिछले बजट से 13 फीसद ज्यादा।
  • - कोरोना के चलते राजस्व घाटा 2.90 से बढ़कर 3.83 होने का अनुमान।
  • - दो लाख, 39 हजार 535 रुपये रह गई प्रति व्यक्ति आय।
  • - पूंजीगत खर्च में लगेगा बजट का 25 फीसद पैसा, जबकि 75 फीसद खर्च होगा राजस्व पर।

आत्मनिर्भर हरियाणा, 50 हजार प्राइवेट नौकरियां

हरियाणा सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत तथा स्वरोजगार को आत्मसात करते हुए इस साल निजी क्षेत्र में हरियाणा के युवाओं को कम से कम 50 हजार नौकरियां देने का वादा किया है। 18 से 60 वर्ष की आयु के लोगों ने अब तक बने 2.10 करोड़ लोगों के परिवार पहचान पत्रों के आधार पर खुद को बेरोजगार घोषित किया है।

इनका सत्यापन कराने के बाद 20 से 35 साल की आयु के एक लाख ऐसे बेरोजगार युवाओं का चयन होगा, जिनकी आय एक लाख रुपये वार्षिक से कम है। उन्हें लाभप्रद रोजगार के लिए कौशल विकास पाठ्यक्रमों की श्रृंखला तैयार होगी। इन एक लाख अति गरीब लोगों की पहचान हर साल होगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर

हरियाणा सरकार के बजट में किसानों की आय बढ़ाने, जल संरक्षण और फसल विविधिकरण पर जोर दिया गया है। खेत पर ही प्रसंस्करण की सुविधा सरकार देगी। सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार होगा। राज्य कीअर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ाने के लिए ढांचागत विकास पर सरकार का फोकस है। चिकित्सा अवसरंचना का विकास, जिला अस्पतालों का 200 बिस्तरों तक अपग्रेडेशन बड़ी योजना है। राज्य के सबसे कम विकसित खंडों में परिवर्तनकारी योजनाएं लागू होंगी।

गन्नौर में एशिया की सबसे बड़ी मंडी बनेगी। हरियाणा सरकार बीमा योजनाओं के संचालन व लोगों को लाभान्वित करने के लिए राज्य बीमा न्याय का गठन कर एक सर्वसमावेशी बीमा स्कीम शुरू करेगी। हरियाणा के स्कूलों, कालेजों, तकनीकी विश्वविद्यालयों व संस्थानों में 125 मृदा जांच प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी। आम, अमरूद और सिट्रस फलों के बागों पर सब्सिडी की सीमा 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रति एकड़ जाएगी।

हिसार, सोनीपत, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल और पानीपत में नई परियोजनाएं

हिसार, सोनीपत और पंचकूला में एवियमन इन्फ्लूएंजा तथा अन्य पोल्ट्री रोगों के रैपिड और आरटी-पीसीआर डायग्नोस्टिक्स के लिए तीन बायो सेफ्लटी लेवल-दो प्रयोगशालाएं खुलेंगी। 1020 राजकीय पशु चिकित्सालयों का कंप्यूटरीकरण किया जाएगा। करनाल और चरखी दादरी में दो बड़े फिश फीड मिल प्लांट लगेंगे। झींगा मछली कल्चर के लिए लवणता प्रभावित क्षेत्र विकसित करने को भिवानी के गरवा में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित होगा।

पंचकूला के टिक्करताल में 40 हजार मत्स्य बीज तथा यमुनानगर, करनाल और पानीपत में पश्चिम यमुना नहर के प्राकृतिक जले में 1.6 लाख मत्स्य बीज का स्टाक किया जाएगा। दक्षिण हरियाणा में एक नया दुग्ध संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव है, जो एनसीआर को कवर करेगा। इसकी पैकिंग क्षमता तीन लाख लीटर हर रोज होगी। इसे पांच लाख लीटर तक बढ़ाया जा सकेगा भिवानी के शेरला में एक लघु दुग्ध संयंत्र की स्थापना होगी

हथनीकुंड बैराज पर बनेगा बांध, रुकेगा यमुना का पानी

महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, भिवानी और फतेहाबाद में सरकार ने सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं विकसित करने की घोषणा बजट में की है। सरस्वती नदी के पुनरोद्धार के लिए, गैन मानसून के दौरान 1680 हेक्टेयर मीटर की शुद्ध गतिशील भंडारण क्षमता के साथ आदीबद्री बांध, सोम सरस्वती बैराज और सोम सरस्वती जलाशय के निर्माण की परियोजना तैयार होगी। पांवटा साहिब से कलेसर तक यमुना नदी के प्रवाह क्षेत्र पर हथनीकुंड बैराज की अपस्ट्रीम में एक बांध बनाने का प्रस्ताव है। मेवात क्षेत्र को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने 100 क्यूसेक की मेवात फीडर नहर का निर्माण किया जाएगा।

आंदोलनकारियों को आईना, एमएसपी व मंडियां बरकरार

बजट में मुख्‍यमंत्री ने आंदोलन कर रहे किसानों को भी आईना दिखाया और उनको आश्‍वस्‍त भी किया कि एमएसपी और मंडियां कायम रहेंगी। हरियाणा में इस साल 81 लाख टन गेहूं और सात लाख टन सरसों की खरीद होगी। साथ ही 70 लाख टन धान और सात लाख टन बाजरे की खरीद का लक्ष्य भी बजट में रखा गया है। ऐसा कर सरकार ने एमएसपी व मंडी व्यवस्था जारी रखने का दम भरा है। मक्का, सूरजमुखी, मूंग, चना और मूंगफली की सरकारी खरीद भी रहेगी जारी रहेगी।

अगले साल तक उपचारित जल का होगा इस्तेमाल

बजट में सरकार द्वारा 80 कस्बों के 124 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की स्थापना का कार्य किया गया है। इंद्री, पलवल, यमुनानगर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की स्थापना तथा ऐलनाबाद, फतेहाबाद, रतिया, टोहाना, सिरसा, रोहतक और तोशाम में इनके अपग्रेडेशन के काम चलेंगे। राजौंद व सिसाय में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने और सिवानी में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के अपग्रेडेशन की परियोजनाएं शुरू होंगी। 2022 तक उपचारिक अपशिष्ट जल का उपयोग करने का लक्ष्य है।

बजट की अन्‍य खास बातें-

  • - हर आदमी की सेहत की चिंता।
  • - हर खेत तक पानी का सपना।
  • - किसानों को मित्र बनाएगी सरकार।
  • - हर साल एक लाख अति गरीबों का कल्याण।
  • - मेवात फीडर नहर का निर्माण।
  • - सरस्वती नदी का पुनरोद्धार।
  • - पांच लाख तक की आय वाले आयुष्मान।

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