जेएनएन, चंडीगढ़। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा को कम पानी मिलने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एसवाइएल नहर के निर्माण का मुद्दा काफी समय से अटका हुआ है। पानी की भागीदारी के समझौते के अनुसार हरियाणा का रावी-व्यास में 3.5 एमएएफ हिस्सा है, परंतु हमें कम पानी मिल रहा है।

यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने बड़े जोर-शोर से इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में उठाया और आज इसका परिणाम यह है कि कोर्ट ने हरियाणा के पक्ष में अपना निर्णय दिया है। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कार्यवाही के आदेश दिए हैं।

पाकिस्तान में जा रहे पानी से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इन नदियों के पानी को रोका जाना चाहिए। इससे पंजाब एवं हरियाणा ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों को भी फायदा होगा। पंजाब इस मामले में पहल करे तो अच्छा है, वरना हरियाणा इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष उठाएगा।

हरियाणा बढ़ रहा ओडीएफ प्लस की ओर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वच्छता अभियान के दूसरे चरण की शुरूआत पर मुख्यमंत्री ने इस बात से इन्कार किया कि यह लोकसभा चुनाव की तैयारी का चरण है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान और लोकसभा चुनाव दोनों अलग-अलग विषय हैं। प्रधानमंत्री ने  2014 में देश में स्वच्छता अभियान की शुरूआत की थी, जिसके तहत सभी नगरों व गांवों को खुले में शौच मुक्त किया जा रहा है। हरियाणा को पहले ही खुले में शौच मुक्त किया जा चुका है। अब हम ओडीएफ प्लस की ओर बढ़ रहे हैं।

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

   

Posted By: Kamlesh Bhatt

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस