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हरियाणा में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए बड़ा कदम, 100 करोड़ की फंड मंजूर; इस साल 2.30 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य

Published: Tue, 14 Jul 2026 06:42 PM (IST)

हरियाणा सरकार ने जलवायु परिवर्तन से निपटने और पर्यावरण संरक्षण के लिए 100 करोड़ रुपये के ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड को मंजूरी दी है।

हरियाणा में पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा, 100 करोड़ का ग्रीन क्लाइमेट फंड मंजूर।

हरियाणा में पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा, 100 करोड़ का ग्रीन क्लाइमेट फंड मंजूर।

HighLights

  1. हरियाणा में 100 करोड़ का ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड मंजूर

  2. 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में 2.10 करोड़ पौधे लगेंगे

  3. शून्य-उत्सर्जन वाहन और नवीकरणीय ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने की दिशा में कदम उठाया है। राज्य सरकार ने पहली बार 100 करोड़ रुपये के ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड के बजट का प्रविधान किया है।

इसके साथ ही प्रदेश में इस वर्ष एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 2 करोड़ 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि कैंपा योजना के तहत अतिरिक्त 20 लाख पौधारोपण को भी मंजूरी दी गई है।

वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम संकल्प को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बन चुका है और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पौधारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है।

राव नरबीर ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके पेड़ बनने तक नियमित देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने लोगों से कैच द रेन अभियान से जुड़ने का भी आह्वान किया। बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजने के लिए तालाबों और जलाशयों का संरक्षण तथा पुनर्जीवन जरूरी है, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके।

राव नरबीर ने बताया कि प्रस्तावित 100 करोड़ रुपये का ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड शून्य-उत्सर्जन वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, शहरी हरितीकरण, जलवायु-अनुकूल कृषि, जल संरक्षण और प्रकृति आधारित परियोजनाओं को प्रोत्साहित करेगा। इससे वायु एवं जल प्रदूषण की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के साथ-साथ पर्यावरण क्षेत्र में नवाचार आधारित निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।