हरियाणा की लाडो लक्ष्मी योजना में बड़ा बदलाव, 2100 में से 1000 की बनेगी FD; बच्चों की पढ़ाई पर भी मिलेगी मदद
हरियाणा सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में संशोधन किया है, जिसमें आर्थिक सहायता, पात्रता, सत्यापन और निगरानी की नई व्यवस्था तय की गई है।

लाडो लक्ष्मी योजना में बदलाव, बच्चों की पढ़ाई और पोषण के आधार पर भी मिलेगी मदद।
HighLights
पात्र महिला को हर महीने 2,100 रुपये की सहायता।
बच्चों की शिक्षा और पोषण अब पात्रता के नए मानक।
हर तिमाही ऐप से चेहरे की पहचान द्वारा जीवित होने की पुष्टि।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में संशोधन कर आर्थिक सहायता, पात्रता, सत्यापन और निगरानी की व्यवस्था तय की है। पात्र महिला को हर महीने 2,100 रुपये मिलेंगे। इसमें से 1,100 रुपये सीधे उसके बचत बैंक खाते में जमा होंगे, जबकि 1,000 रुपये सरकार की ओर से संचालित आवर्ती जमा (आरडी) या सावधि जमा (एफडी) खाते में जाएंगे।
जमा राशि ब्याज सहित परिपक्वता पर महिला को मिलेगी। इसकी अवधि सरकार तय करेगी, लेकिन संशोधित योजना लागू होने की तारीख से पांच वर्ष से अधिक नहीं होगी। बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धियों और कुपोषण से उबरने से जुड़े मानकों को भी अतिरिक्त पात्रता में शामिल किया गया है। इन मानकों के आधार पर लाभ लेने के लिए महिला को 23 वर्ष की आयु और हरियाणा में 15 साल निवास की मूल शर्तें पूरी करनी होंगी।
आवेदन, दस्तावेज सत्यापन, भुगतान, चेहरे की पहचान से जीवित होने की पुष्टि और शिकायत निपटारे की समयसीमा निर्धारित की गई है। सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछड़े वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) विभाग की अधिसूचना के अनुसार संशोधित व्यवस्था तत्काल प्रभाव से पूरे हरियाणा में लागू होगी।
परिवार की सत्यापित वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक होने पर अतिरिक्त श्रेणियों के तहत लाभ मिल सकता है। महिला को इनमें से कोई एक मानक पूरा करना होगा। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले उसके बच्चे हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड या केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं अथवा बारहवीं परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाएं। कक्षा एक से चार तक निपुण भारत मिशन के तहत निर्धारित दक्षता हासिल करें या महिला ने बच्चों को गंभीर तीव्र कुपोषण (एसएएम) अथवा मध्यम तीव्र कुपोषण (एमएएम) से बाहर निकाला हो, जिसकी पुष्टि महिला एवं बाल विकास विभाग करेगा।
इस श्रेणी में तीन से अधिक बच्चों की माताएं पात्र नहीं होंगी, लेकिन एक परिवार में पात्र महिलाओं की संख्या पर सीमा नहीं है। तीसरे और चौथे चरण के कैंसर, दुर्लभ बीमारियों, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया के मरीज निर्धारित सहायता के साथ योजना का लाभ ले सकते हैं।
पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन या सरकारी वित्तीय सहायता लेने वाली महिलाएं सामान्य तौर पर पात्र नहीं होंगी। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, विधवा एवं निराश्रित महिला सहायता, दिव्यांग पेंशन, लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता, कश्मीरी प्रवासी परिवार सहायता, बौने व्यक्तियों का भत्ता, तेजाब हमले की पीड़िताओं की सहायता, विधुर एवं अविवाहित व्यक्तियों की सहायता और हरियाणा गौरव सम्मान योजना शामिल हैं।
आयकरदाता महिला अपात्र होगी। सरकारी या सरकार-नियंत्रित संस्थान में काम करने वाली महिला तभी अपात्र होगी, जब पारिवारिक आय सीमा से अधिक हो। गलत जानकारी से मिले लाभ की 12 प्रतिशत सालाना ब्याज सहित वसूली होगी। लगातार दो माह भुगतान विफल होने पर सहायता रुक जाएगी। मृत्यु के बाद पेंशन नहीं मिलेगी, लेकिन मृत्यु वाले महीने की पूरी राशि देय होगी।
पहली किस्त के बाद हर तीन महीने में लाडो लक्ष्मी ऐप से चेहरे की पहचान और जीवित होने की पुष्टि करनी होगी। एप में ब्लिंक टू क्लिक सुविधा होगी और सीआरआइडी हर तिमाही एसएमएस भेजेगा। शिकायत जिला समाज कल्याण अधिकारी को दी जा सकेगी, जिन्हें सात कार्यदिवस में कार्रवाई करनी होगी।
