हरियाणा में लंपी वायरस का कहर, अब तक 70 गायों की मौत; 7577 गोवंश संक्रमित
हरियाणा में लंपी वायरस तेजी से फैल रहा है, जिससे अब तक 7577 गोवंश संक्रमित हुए हैं और 70 गायों ...और पढ़ें
HighLights
हरियाणा में 7577 गोवंश लंपी वायरस से संक्रमित, 70 गायों की मौत।
पशु मेलों और अंतरराज्यीय पशु आवाजाही पर सरकार ने लगाई रोक।
संक्रमित पशुओं को अलग रखने और स्वच्छता बनाए रखने की एडवाइजरी जारी।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में गोवंश में लंपी वायरस तेजी से फैल रहा है। अब तक 7577 गोवंश इस संक्रामक बीमारी की चपेट में आ चुका है, जबकि 70 गायों की मौत हुई है। प्रदेश सरकार ने वायरस को फैलने से रोकने के लिए पशु मेलों और पशुओं की अंतरराज्यीय आवाजाही पर रोक लगा दी है।
हाल ही में कुरुक्षेत्र से लिए गए नमूनों की लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार की शुरुआती जांच में लंपी वायरस की पुष्टि हुई है। इसके बाद पशुपालन विभाग ने अलर्ट जारी किया है। शहर और गांवों में 6135 गायें बीमार मिली हैं, जबकि 1442 गोवंश गोशालाओं में बीमार मिला है। इससे पहले वर्ष 2022 में लंपी से प्रदेश में 2937 पशुओं की मौत हो चुकी है, जिनमें 2929 गोवंश और आठ भैंस शामिल हैं।
पशुपालन विभाग ने बीमारी फैलने से रोकने के लिए पशुपालकों को एडवाइजरी जारी की है। नए पशुओं को झुंड में मिलाने से पहले 15 दिन क्वारंटाइन करना अनिवार्य होगा। बीमारी के लक्षण दिखते हैं तो पशु को तुरंत स्वस्थ मवेशियों से अलग कर दिया जाए।
पोर्टल पर डेटा अपलोड करने के निर्देश
शेड में मच्छरदानी, कीटनाशक स्प्रे और फागिंग कराएं।गोशालाओं और डेयरियों के प्रवेश द्वार पर सोडियम हाइपोक्लोराइट या फार्मेलिन के घोल का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। बीमारी से मृत पशुओं के शवों को गहरे गड्ढे में दबाकर सही तरीके से निस्तारित करना होगा। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के महानिदेशक ने सभी जिला उपनिदेशकों को प्रतिदिन शाम चार बजे तक पोर्टल पर दैनिक डेटा अपलोड करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
लंपी स्किन डिजीज में पशु के शरीर पर गोल-गोल गांठें या उभरे हुए घाव दिखाई देना प्रमुख लक्षण है। इसके साथ तेज बुखार, आंखों और नाक से पानी या स्राव आना, भूख कम होना, कमजोरी, शरीर के अलग-अलग हिस्सों में सूजन और दूध उत्पादन में कमी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
