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हरियाणा: सिर्फ 34 वोटों से मिली थी उचाना सीट से हार, हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह की याचिका पर क्या कहा?

Published: Tue, 15 Sep 2026 03:42 PM (IST)

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में उचाना सीट से जुड़ी चुनाव याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर और असिस्टेंट के बयान दर्ज किए गए।

उचाना सीट से जुड़ी चुनाव याचिका का मामला, 25 सितंबर तक स्थगित।

उचाना सीट से जुड़ी चुनाव याचिका का मामला, 25 सितंबर तक स्थगित।

HighLights

  1. असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर रामप्रसाद और अशोक कुमार के बयान दर्ज

  2. याचिकाकर्ता ने काउंटिंग सेंटर की सीसीटीवी फुटेज मंगवाने की मांग की

  3. ब्रिजेन्द्र सिंह ने 215 अस्वीकृत डाक मतों की जांच की मांग की

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में हिसार के पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह को विधानसभा चुनाव में उचाना सीट से जुड़ी चुनाव याचिका पर सुनवाई के दौरान असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर रामप्रसाद और असिस्टेंट अशोक कुमार के बयान दर्ज किए गए।

याचिकाकर्ता ने वकील ने कोर्ट को कहा कि काउंटिंग सेंटर की सीसीटीवी फुटेज मंगवाई जाए ताकि मतगणना प्रक्रिया की जांच की जा सके। साथ ही तत्कालीन रिटर्निंग ऑफिसर विवेक आर्य को दोबारा बुलाकर उनके बयान बृजेंद्र सिंह के एजेंट की मौजूदगी में दर्ज करवाए जाए।

इस मामले में असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर रामप्रसाद और असिस्टेंट बैलेट पेपर अधिकारी अशोक के बयान दर्ज किए गए। कोर्ट ने अगली सुनवाई 25 सितम्बर तय की है। ज्ञात रहे कि अक्टूबर 2024 में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में बृजेंद्र सिंह मात्र 32 वोटों से चुनाव हार गए थे।

बृजेंद्र सिंह को विधानसभा चुनाव में उचाना सीट के परिणाम को चुनौती देते हुए चुनाव याचिका दायर की थी। जुलाई माह में हाई कोर्ट ने ब्रिजेन्द्र को अपनी चुनाव याचिका में संशोधन की अनुमति दी थी।

संशोधन के तहत अब चुनाव याचिका केवल 215 अस्वीकृत डाक मतों की दोबारा जांच की मांग तक सीमित कर दी गई है। हाई कोर्ट ने यह भी माना कि याचिकाकर्ता ने अन्य सभी आधारों को छोड़ते हुए केवल मतगणना की मांग पर ध्यान केंद्रित किया है ताकि मामला शीघ्र निपट सके।

गौरतलब है कि अक्टूबर 2024 में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में बृजेंद्र सिंह मात्र 32 वोटों से चुनाव हार गए थे, जबकि कुल 1,377 डाक मतों में से 215 को रिटर्निंग ऑफिसर ने अमान्य घोषित कर दिया था। शेष 1,158 डाक मतों में से 636 बृजेंद्र सिंह के पक्ष में पड़े थे।