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हरियाणा में HPSC- HERC जैसी चार बड़ी संवैधानिक संस्थाओं की कुर्सियां खाली, दावेदारों में लॉबिंग शुरू

Published: Fri, 23 Oct 2026 03:40 PM (IST)

हरियाणा में HPSC, HERC, लोकायुक्त और सेवा का अधिकार आयोग सहित कई महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थाओं के शीर्ष पद खाली पड़े हैं।

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।

HighLights

  1. हरियाणा में चार प्रमुख संवैधानिक पद रिक्त पड़े हैं

  2. HPSC, HERC, लोकायुक्त, सेवा आयोग चेयरमैन पद खाली

  3. सेवानिवृत्त अधिकारियों, न्यायाधीशों की नियुक्तियों पर निगाहें टिकीं

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में कई महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थाओं के शीर्ष पद खाली पड़े हैं। इन पदों पर नियुक्तियों का इंतजार लंबा होने के साथ ही संभावित दावेदारों की सक्रियता भी बढ़ने लगी है।

सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों, पूर्व न्यायाधीशों और प्रभावशाली लोगों की निगाहें इन संस्थाओं की कुर्सियों पर टिकी हैं। नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है।

संभावित दावेदार अपने पक्ष में माहौल बनाने और नियुक्ति प्रक्रिया में बढ़त हासिल करने के लिए लाबीइंग कर रहे हैं। प्रदेश सरकार की ओर से अभी इन पदों पर नई नियुक्तियों को लेकर कोई अंतिम तस्वीर सामने नहीं आई है।

हरियाणा में यह परिपाटी लंबे समय से चली आ रही है कि वरिष्ठ अधिकारी सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद भी किसी न किसी आयोग, बोर्ड या प्राधिकरण में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हासिल कर लेते हैं।

ऐसे में इस बार भी खाली पदों को अधिकारियों की दूसरी पारी के अवसर के रूप में देखा जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार इन पदों पर किन चेहरों को मौका देती है और नियुक्तियों के लिए क्या मापदंड अपनाए जाते हैं।

आलोक वर्मा का कार्यकाल 22 अक्टूबर को खत्म हुआ

हरियाणा लोक सेवा आयोग के चेयरमैन आलोक वर्मा का कार्यकाल 22 अक्टूबर को समाप्त हो चुका है। प्रथम व द्वितीय श्रेणी की सरकारी भर्तियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इस आयोग के शीर्ष पद पर नियुक्ति के लिए जबरदस्त लॉबिंग की जा रही है।

हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के चेयरमैन नंद लाल शर्मा के निधन के बाद से नियमित चेयरमैन का पद खाली है। आयोग के सदस्य मुकेश गर्ग को कार्यवाहक चेयरमैन की जिम्मेदारी दी गई है।

हाल ही में गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को लाइसेंस देने के आयोग के फैसले ने प्रदेश में बहस छेड़ रखी है। ऐसे में आयोग के नियमित चेयरमैन की नियुक्ति काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता का कार्यकाल पूरा होने के बाद यह पद भी रिक्त है। टीसी गुप्ता के कार्यकाल में सरकारी विभागों की जवाबदेही और नागरिकों को समय पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के मामले में आयोग की भूमिका चर्चा में रही थी।

अब यहां नियमित मुख्य आयुक्त की नियुक्ति का इंतजार है। इसी तरह, हरियाणा के लोकायुक्त जस्टिस हरिपाल वर्मा का कार्यकाल पूरा होने के बाद से यह पद भी खाली चल रहा है।

लोकायुक्त का पद भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इस पद पर नियुक्ति के लिए भी संभावित नामों को लेकर चर्चाएं हो रही हैं।

रिटायर्ड अधिकारियों की दूसरी पारी पर सबकी नजर

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रहे अरुण कुमार गुप्ता सहित विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद यह सवाल भी चर्चा में है कि सरकार भविष्य में किसे कहां समायोजित करती है।

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक रह चुके शत्रुजीत कपूर बीएसएफ के महानिदेशक पद से रिटायर होने वाले हैं। खाली चल रहे पदों वाली संस्थाओं का सीधा संबंध सरकारी भर्तियों, बिजली नियमन, नागरिक सेवाओं और भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण से है।

इसलिए नियुक्तियों में देरी से इनके कामकाज पर असर पड़ने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। ऐसे में अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर हैं, ताकि इन संवैधानिक संस्थाओं को नियमित नेतृत्व देने के लिए नियुक्तियां कब की जाती हैं।